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यूपी: सत्ता के लालची लोगों पर सीएम योगी ने करारा प्रहार, बोले-खुद के लिए भस्मासुर न चुने जनता

Fri, 26 Nov 2021 10:48 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर

सार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संत का अर्थ केवल पूजा और उपासना करना नहीं है बल्कि एक सच्चा संत या ऋषि समाज को सही दिशा दिखाने का काम करता है। लोक कल्याण ही संतों का प्रमुख धर्म है। ब्रह्मलीन महंत महेंद्र नाथ योगी ने भी इसी परंपरा का निर्वहन तराई की इस धरती पर किया था। 
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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भारत और नेपाल धर्म तथा संस्कृति के मामले में एक दूसरे के पूरक हैं। भारत के लोग भगवान पशुपति नाथ के दर्शन को लालायित रहते हैं तो वहीं नेपाल के लोग भारत की चार धाम यात्रा कर खुद को धन्य समझते हैं। भारत का संविधान कभी भी धर्म, जाति तथा लिंग के माध्यम से समाज को तोड़ता नहीं है बल्कि जोड़ता है।
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यह बातें शुक्रवार शाम देवीपाटन शक्तिपीठ तुलसीपुर के ब्रह्मलीन महंत महेंद्र नाथ योगी की 21वीं पुण्य तिथि पर बलरामपुर के तुलसीपुर में संत सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कही। 

उन्होंने कहा कि संत का अर्थ केवल पूजा और उपासना करना नहीं है बल्कि एक सच्चा संत या ऋषि समाज को सही दिशा दिखाने का काम करता है। लोक कल्याण ही संतों का प्रमुख धर्म है। ब्रह्मलीन महंत महेंद्र नाथ योगी ने भी इसी परंपरा का निर्वहन तराई की इस धरती पर किया था। 
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उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल धर्म तथा संस्कृति के मामले में एक-दूसरे के पूरक हैं। नेपाल में स्थित भगवान पशुपति नाथ के दर्शन कर भारत का हिन्दू खुद को धन्य समझता है तो नेपाल के हिंदू भारत की चार धाम यात्रा कर मोक्ष प्राप्ति की कामना करते हैं। उन्होंने कहा कि नाथ संप्रदाय ने सदियों से महिला शिक्षा के साथ-साथ हर धर्म व जाति के लोगों को शिक्षा दिलाने का प्रयास किया है। 
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इसी क्रम में संप्रदाय ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की वर्ष 1956 में स्थापना कर आज तक शिक्षा को बढ़ावा देने का काम कर रहा है। सम्मेलन को संबोधित करते हुए सीएम ने जमकर सत्ता के लालची लोगों पर भी जमकर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि भीमराव आंबेडकर ने 26 नवंबर 1949 को संविधान लिखकर यह दिखाया कि भारत में धर्म, जाति और लिंग के नाम पर कोई मतभेद नहीं होना चाहिए। 

देश के सभी नागरिक समान अधिकार के हकदार हैं। पूर्व की पार्टियों ने इसी संविधान को तोड़ मरोड़ कर अपने तथा अपने लोगों के उत्थान के लिए प्रयोग किया। भारतीय जनता पार्टी बाबा साहेब के संविधान को आज चरित्रार्थ कर रही है। मैं संविधान दिवस के अवसर पर संतों तथा इस अवसर पर मौजूद सभी लोगों को संकल्प दिलाता हूं कि खुद के लिए भस्मासुर पार्टी तथा उसके प्रतिनिधियों का चुनाव कदापि न करें। 

जिस तरह भस्मासुर ने शिव जी से वरदान प्राप्त कर उनको ही भस्म कर देने का प्रयास किया था उसी तरह विपक्षी दलों के लोग आपके वोट से सत्ता प्राप्त कर आपको ही भस्म करने का काम करते हैं। अपने वोट के महत्व को समझे और पूरी तरह से विचार विमर्श कर मतदान करें। 

उन्होंने यह भी याद दिलाया कि बीते वर्षों में सत्ता पाकर शौचालय व राशन का पैसा खा जाने वाले आज यह दावा कर रहे हैं कि सरकार बनने पर हम हमेशा फ्री राशन देंगे। कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के दौरान विपक्षी दल के सभी नेता भूमिगत थे। चुनाव आने पर जनता को तरह-तरह का लोभन दे रहे हैं। ऐसी स्थिति में आपको खुद निर्णय करना है कि लोक तंत्र में आपके अधिकारों की सुरक्षा कौन करेगा। 
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