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'मोदी की इच्छा, मुसलमानों के एक हाथ में हो कुरान, दूसरे में कंप्यूटर'

Sun, 03 Apr 2016 01:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह व डॉ. नजमा हेपतुल्ला - फोटो : amar ujala
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केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि किसी तबके की उपेक्षा करके भारत को महाशक्ति नहीं बनाया जा सकता। इसके लिए सभी तबकों को मजबूत बनाना जरूरी है। वहीं, देश को आर्थिक महाशक्ति बनाने के लिए नौजवानों को रोजगार मुहैया कराना होगा। इसके लिए स्किल डवलपमेंट से बेहतर दूसरा कोई काम नहीं है।
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वहीं, केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री डॉ. नजमा हेपतुल्ला ने कहा कि मुसलमानों के पिछड़ेपन से प्रधानमंत्री मोदी भी चिंतित हैं। वे चाहते हैं कि मुसलमानों के एक हाथ में कुरान हो तो दूसरे में कंप्यूटर।

राजनाथ और डॉ. नजमा शनिवार को यहां कुर्सी रोड स्थित इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में मौलाना आजाद नेशनल अकादमी फॉर स्किल (मानस) के ऑनलाइन सेंटरों का शुभारंभ कर रहे थे। इंटीग्रल यूनिवर्सिटी के साथ ही सूबे के नौ मदरसों में ये स्किल डवलपमेंट सेंटर शुरू किए गए हैं।
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राजनाथ ने कहा कि इंटीग्रल यूनिवर्सिटी की नींव प्रसिद्ध विद्वान व शिक्षाविद अली मियां ने रखी थी। आज यहां पहली बार आने पर उन्हें लग रहा है कि अली मियां जैसे कुछ और विद्वान पैदा हो गए होते तो हिंदुस्तान की सूरत ही कुछ और होती। उन्होंने कहा कि अशिक्षा और बेरोजगारी बड़ी चुनौती है। इन पर विजय पाने का संकल्प लेना होगा।
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46 फीसदी मुस्लिम लड़कियों को स्कॉलरशिप दे रही केंद्र

डॉ. हेपतुल्ला ने कहा कि हर मजहब में तालीम की अहमियत है। इंसान के लिए तालीम बहुत जरूरी है। तालीम के मामले में मुसलमान बहुत पिछड़ा हुआ है। जो तालीम में पिछड़ता है तो वह सामाजिक तौर पर भी पिछड़ जाता है। मोदी सरकार का तालीम पर काफी जोर है। खासतौर से अल्पसंख्यकों व बच्चियों की शिक्षा पर। केंद्र सरकार देश की 46 फीसदी लड़कियों को स्कॉलरशिप दे रही है।

एक बार बुलाओगे तो बार-बार बुलाना पड़ेगा
राजनाथ ने भाषण के दौरान मंच पर मौजूद विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. सईदुल रहमान नदवी व कुलपति सैयद वसीम अख्तर से कहा, इतना बढ़िया विश्वविद्यालय और आपने कभी बुलाया ही नहीं। मैं विश्वविद्यालय आना चाहूंगा। शिक्षकों व छात्रों से बात करना चाहूंगा।’ इस पर पंडाल में बैठे छात्रों ने तालियां बजाईं।

राजनाथ ने कहा,‘विद्यार्थी भी चाहते हैं कि मैं आऊं।’ इस पर फिर तालियां बजीं। राजनाथ ने कहा, ‘एक बार आ गया तो कई बार आऊंगा। आप लोग बार-बार बुलाएंगे।’ कुलाधिपति डॉ. सईदुल रहमान नदवी ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार अल्पसंख्यकों के विकास के लिए काफी काम करेगी। कुलपति ने भी विचार रखे।
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इन मदरसों में शुरू हुआ स्किल डवलपमेंट सेंटर

मदरसा जमीतुल मोमिनात ए इस्लामिया दुबग्गा, मदरसा हनीफिया चिश्तिया मड़ियांव, कुलिया-तज-जहरा लिल बन्नत मड़ियांव, शिया यतीम खाना सआदतगंज, मदरसा शकीउल आलम सोबरिया चिश्तिया (छात्र व छात्राओं दोनों) अबरार नगर, मदरसा जामिया वारसिया सत्तारिया गोमतीनगर विस्तार लखनऊ, मदरसा इदारा महमूदिया मोहम्मदी लखीमपुरखीरी और मदरसा जामिया उल उलूम निस्वां कोपागंज मऊ।

मुस्लिम परंपरा में भी सरस्वती वंदना
डॉ. हेपतुल्ला ने कहा कि शब्द अलग-अलग हैं लेकिन कई परंपराएं एक जैसी हैं। इस्लाम में भी हर  अच्छे काम से पहले ‘शमां रोशन’(दीप प्रज्वलन) किया जाता है। हमारे यहां भी तालीम की प्रार्थना की जाती है, जैसे सरस्वती वंदना होती है।

राजनाथ और हेपतुल्ला के साथ सेल्फी की होड़
राजनाथ वापस जाने लगे तो मुख्य द्वार के पास छात्र-छात्राओं की काफी भीड़ थी। राजनाथ उनके बीच पहुंच गए। छात्र-छात्राओं के बीच राजनाथ के साथ सेल्फी लेने की होड़ मच गई। इसी तरह डॉ. नजमा हेपतुल्ला पंडाल में बैठी महिलाओं और छात्राओं के बीच पहुंचीं तो वहां भी उनसे मिलने और सेल्फी लेने की होड़ मच गई।
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