केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री डॉ. नजमा हेपतुल्ला
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केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री डॉ. नजमा हेपतुल्ला ने यूपी सरकार को चेतावनी देते हुए शनिवार को कहा कि अगर यूपी ने वक्फ संपत्तियों का ब्यौरा जल्द नहीं दिया वे खुद लखनऊ में धरना देंगी।
भाजपा मुख्यालय पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि यूपी सरकार और अल्पसंख्यक कल्याण व वक्फ मंत्री (आजम खां) पर वक्फ संपत्तियों के दुरुपयोग को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
हेपतुल्ला ने कहा, मैंने कई बार वक्फ मंत्री को पत्र भेजकर वक्फ संपत्तियों की जानकारी मांगी गई। पर, उन्होंने जवाब नहीं दिया। वे न तो चिट्ठियों का जवाब देते हैं, न राष्ट्रीय वक्फ कौंसिल की बैठक में आते हैं। प्रदेश में वक्फ की 1 लाख 45 हजार एकड़ भूमि है।
इस पर से अवैध कब्जे हटाकर विकास कर दिया जाए तो वक्फों को 12 हजार करोड़ रुपये सालाना की आमदनी हो सकती है। यूपी सरकार और यहां के मंत्री का रवैया अल्पसंख्यकों के हितों के विरुद्ध हैं।
यूपी सरकार को चेतावनी, बोर्ड करने का अधिकार है हमें
नजमा ने चेतावनी भरे शब्दों में कहा कि नेशनल वक्फ कौंसिल के अध्यक्ष के नाते उन्हें अनियमिता और जानकारी न देने पर राज्यों के बोर्डों को भंग करने का भी अधिकार है। पर, वह इस तरह का कदम उठाना नहीं चाहती।
बस अल्पसंख्यक कल्याण का राग अलापती है यूपी सरकार
नजमा हेपतुल्ला ने कहा कि यूपी सरकार और यहां के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री अल्पसंख्यकों की भलाई का सिर्फ राग अलापते हैं। यूपी में अल्पसंख्यकों की भलाई की बस बातें हो रही हैं, काम नहीं।
प्रदेश सरकार अल्पसंख्यकों की शिक्षा, रोजगार, तकनीकी विकास और बेहतरी के लिए मोदी सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों में कोई सहयोग नहीं करती। नेशनल वक्फ कौंसिल की मीटिंग में अल्पसंख्यक कल्याण और वक्फ बोर्ड मंत्री खुद तो आते ही नहीं। अधिकारियों को भी नहीं भेजते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने अपने बगल में बैठे भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी से कहा कि भाजपा प्रदेश में वक्फ संपत्तियों के दुरुपयोग के खिलाफ आंदोलन शुरू करे, धरना दे, कहा कि वह खुद लखनऊ आकर धरना में शामिल होंगी। डॉ. हेपतुल्ला शनिवार को यहां भाजपा मुख्यालय पर पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रही थीं।
प्रदेश के रवैये से केंद्र से नहीं मिल पाता समय से धन
नजमा ने कहा कि अल्पसंख्यक कल्याण मद में केंद्र से मिले धन का उपयोग प्रमाण पत्र भी समय से नहीं दिया जाता। इसके कारण केंद्र सरकार चाहते हुए भी प्रदेश को अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए समय से धन नहीं दे पाती।
यूपी सरकार केंद्र से मिलकर काम करें तो वक्फ संपत्तियों का विकास भी हो सकता है और अल्पसंख्यकों का ज्यादा कल्याण भी।
मोदी सरकार ने काफी काम किए
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है कि सबका साथ-सबका विकास। उन्होंने अल्पसंख्यकों के रोजगार के लिए बजट को 1500 करोड़ से बढ़ाकर 3000 करोड़ रुपये कर दिया है।
अल्पसंख्यकों के जो बच्चे ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पाए थे, उनके लिए अलग से धन की व्यवस्था की गई है। तय किया गया है कि वह जब आवेदन करेंगे तो उन्हें सूची में शामिल कर लिया जाएगा।
इसके लिए अलग अकाउंट में धन रखवा दिया गया है। केंद्र सरकार 86 लाख बच्चों को प्रीमैट्रिक, पोस्ट मैट्रिक तथा मेरिट कम मीन्स कैटेगरी को स्कालरशिप के माध्यम से शिक्षा में मदद कर रही है।
भारत माता की जय के सवाल पर कुछ यूं जवाब
भारत माता की जय पर उन्होंने कोई सीधा जवाब नहीं दिया। कहा कि कुरान शरीफ के अनुसार तुम्हारा दीन तुम्हारे साथ और हमारा दीन हमारे साथ।
उस लिहाज से मादरे वतन को सलाम करने में कोई समस्या नहीं है। हदीस मुसलमानों से कहती है कि वतन के वफादार रहें।
इस सिलसिले में पूछे गए दूसरे सवालों पर भी वह घुमा-फिराकर जवाब देती रहीं।