बैठक में मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उप्र. डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से भारत रक्षा उत्पाद के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा। इस क्षेत्र में अब हमारा समय है। भारत एक्सपोर्ट हब बनने की ओर अग्रसर है। प्रदेश सरकार ने निवेशकों की आवश्यकताओं को ध्यान रखते हुए उत्तर प्रदेश रक्षा तथा एयरोस्पेस इकाई एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2018 लागू की है। डिफेंस कॉरिडोर में 50 हजार करोड़ के निवेश से जुड़े 23 एमओयू हो चुके हैं।
अलीगढ़ नोड में 24 कंपनियों को भूमि आवंटित की जा चुकी है। वहां 11,203 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश अनुमानित है। लखनऊ नोड में ब्रह्मोस की नेक्स्ट जनरेशन मिसाइल तैयार होगी। झांसी में भारत डायनामिक्स लि. आकाश मिसाइल में प्रयुक्त होने वाली प्रणोदन प्रणाली का निर्माण करेगी। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से देश की सैन्य शक्ति मजबूत होगी तथा राष्ट्रीय सुरक्षा को भी बल मिलेगा। इस कॉरिडोर से एमएसएमई इकाइयों को भी लाभ मिलेगा।
निवेशकों ने दिए सुझाव
बैठक में निवेशकों ने भूमि आवंटन से लेकर सभी तरह की एनओसी जारी करने, बैंकों से ऋण सहित अन्य कार्यों की प्रक्रिया में सरलीकरण के सुझाव दिए। रक्षामंत्री व मुख्यमंत्री ने विश्वास दिलाया कि इन मांगों पर जल्द अमल किया जाएगा। मौके पर भारत सरकार के रक्षा सचिव, एसीएस गृह अवनीश अवस्थी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।