प्रादेशिक कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन ने पराग डेयरी के चर्चित टैंकर कांड में दो और कर्मचारियों को दंडित किया है। इनमें से एक 31 जुलाई को सेवानिवृत्त हो गया, जबकि दूसरे का लगभग दो साल का सेवाकाल बाकी है। फेडरेशन ने इन कर्मियों को न्यूनतम मूल वेतनमान पर रिवर्ट कर दिया है। इस मामले में महाप्रबंधक तक लपेटे में आ चुके हैं।
फेडरेशन के प्रबंध निदेशक वीरेंद्र कुमार सिंह ने 31 जुलाई को टैंकर कांड के आरोपी डेयरी सुपरवाइजर आरके राय को वर्तमान के मूल वेतनमान 8000-13,500 रुपये की जगह 8000 रुपये के न्यूनतम पर रिवर्ट कर दिया है। इससे राय को करीब हर माह वेतन में 25 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं, क्षेत्रीय पर्यवेक्षक शिवराम यादव को मूल वेतनमान 5000-8000 की जगह 5000 रुपये के न्यूनतम वेतनमान पर रिवर्ट किया था। प्रबंध निदेशक ने जिस दिन आदेश जारी किया, शिवराम उसी दिन सेवानिवृत्त हो गए। पराग के जानकारों का दावा कि अब शिवराम को सेवानिवृत्त पर मिलने वाले देयों का भुगतान इसी वेतनमान से होगा। हालांकि, पांच अन्य डेयरीकर्मियों पर अब तक कार्रवाई नहीं हुई है।
यह था टैंकर कांड
डेयरी में साठगांठ से पशु पालकों के दूध के साथ पानी की तौल करवाकर रकम का भुगतान लेकर टैंकर मालिक से लेकर सभी बंदरबांट कर रहे थे। इस खेल का 2014 में खुलासा हुआ था। वर्ष 2017 में मामला पकड़ा गया। इससे पराग को कितनी चपत पहुंची, अब तक सही गणना नहीं हो सकी है। मामले में तत्कालीन महाप्रबंधक वीवी बेरा सहित 17 अधिकारी व कर्मचारी फंसे थे।