लखनऊ। खादी-ग्रामोद्योग के सहायक विकास अधिकारी लक्ष्मीकांत नाग और उनकी पत्नी व बेटे पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर ठगी का मुकदमा दर्ज किया गया है। विभूतिखंड थाने में दर्ज मुकदमे में उनकी पत्नी सुशीला जायसवाल व बेटा रवि कुमार भी आरोपी हैं। मुकदमा डीसीपी पूर्वी के आदेश पर दर्ज किया गया है। पुलिस जांच कर रही है।
प्रभारी निरीक्षक विभूतिखंड डॉ. आशीष मिश्रा के मुताबिक, विक्रांतखंड-3 स्थित पारिजात अपार्टमेंट में बृजकिशोर जायसवाल परिवार सहित रहते हैं। बृजकिशोर के मुताबिक, खादी ग्रामोद्योग में सहायक विकास अधिकारी के पद पर तैनात लक्ष्मीकांत नाग, उनकी पत्नी सुशीला जायसवाल और बेटे रवि कुमार ने फर्जी दस्तावेज तैयार किए। इसके जरिए उनकी फर्म को हड़पने का प्रयास किया गया। वहीं 13 लाख रुपये का लोन जो लक्ष्मीकांत नाग ने करा रखा था, उसकी जिम्मेदारी भी बृजकिशोर पर डाल दी गई। पीड़ित के मुताबिक, दिसंबर 2013 में उसने लखनऊ में आवासीय प्लॉट के लिए पुश्तैनी संपत्ति जो अयोध्या में थी, उसे बेचा जिसकी रकम 13 लाख रुपये मिली। यह रकम उसके रिश्तेदार लक्ष्मीकांत नाग ने अपने पास रख ली और अच्छी जगह प्लॉट दिलाने का आश्वासन दिया लेकिन प्लॉट नहीं मिला।
13 अप्रैल 2021 को रुपये वापस मांगे तो धमकी देने लगे। इसी बीच उनकी पत्नी शालिनी कोविड-19 से संक्रमित हो गई। इलाज के दौरान बृजकिशोर की पत्नी की मौत 2 जून को हो गई। इसी बीच मई में सुशीला, लक्ष्मीकांत नाग व रवि कुमार फर्जी किरायानामा तैयार कर उनकेशोरूम पर पहुंचे और मालिकाना हक जताया। वहीं साजिश के तहत बैंक द्वारा लिए गए लोन को भी उनके जिम्मे डाल दिया गया। पीड़ित ने पुलिस से संपर्क किया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद डीसीपी पूर्वी अमित कुमार आनंद से संपर्क किया। डीसीपी पूर्वी ने मामले की जांच कराई जिसकी रिपोर्ट आने के बाद विभूतिखंड थाने में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।
प्रभारी निरीक्षक विभूतिखंड डॉ. आशीष मिश्रा के मुताबिक, पीड़ित की तहरीर पर सहायक विकास अधिकारी खादी-ग्रामोद्योग लक्ष्मीकांत नाग, सुशीला जायसवाल व रवि कुमार के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, अमानत में खयानत सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।