लखनऊ विश्वविद्यालय समाज कार्य विषय का मॉडल पाठ्यक्रम तैयार कर रहा है, जो संभवत: नए सत्र से ही पूरे देश में लागू किया जा सकता है। खास ये कि इस मॉडल पाठ्यक्रम में क्लास रूम की पढ़ाई के अलावा प्रैक्टिकल व सामाजिक कार्यों को भी जोड़ा जा रहा है, जिसके नंबर मिलेंगे।
इतना ही नहीं प्रत्येक पेपर में यह भी बताया जाएगा कि इसे पढ़ाने का उद्देश्य क्या है और कोर्स पूरा होने पर विद्यार्थी का इसी उद्देश्य के आधार पर मूल्यांकन भी होगा। यूजीसी लर्निंग आउटकम बेस्ड कॅरिकुलम फ्रेमवर्क के तहत देश के अलग-अलग विश्वविद्यालयों से 37 विषयों का मॉडल पाठ्यक्रम तैयार करवा रहा है।
हर विषय के विशेषज्ञों की अध्यक्षता में गठित कमेटियों की देखरेख में यह पाठ्यक्रम तैयार किया जा रहा है। लखनऊ विश्वविद्यालय को समाज कार्य विषय का पाठ्यक्रम तैयार करने की जिम्मेदारी मिली है, जिसके अध्यक्ष विभाग के वरिष्ठ शिक्षक व प्रति कुलपति प्रो. राजकुमार सिंह हैं।
उन्होंने बताया कि मॉडल पाठ्यक्रम में प्रैक्टिकल, कमेटी कार्यों व सामाजिक कार्यों को भी अनिवार्य रूप से शामिल किया जा रहा है। इसके नंबर भी निर्धारित होंगे। अभी तक 100 नंबर का थ्योरी का पेपर होता था। अब 80 नंबर थ्योरी व 20 नंबर प्रैक्टिकल पर होंगे।