बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रवेश में नियामक संस्थाओं बीसीआई, एनसीटीई आदि के नियमों का पालन होने पर ही प्रवेश मान्य होगा। केंद्रीकृत प्रवेश हेतु एक महाविद्यालय- विश्वविद्यालय समन्वय समिति का गठन किया जाएगा। जिसमें कि विभिन्न महाविद्यालयों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा व विश्वविद्यालय के प्रवेश सेल के सदस्य तथा अन्य पदाधिकारियों को इसमें शामिल किया जाएगा। जिससे कि भविष्य में महाविद्यालयों को होने वाली किसी भी परेशानी को कमेटी के माध्यम से जल्द निस्तारित किया जा सके।