लखनऊ। हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने राजधानी के सुमित मिश्र हत्याकांड के मामले में लखनऊ के पुलिस आयुक्त से 48 घंटे में निजी हलफनामे पर जवाब मांगा है। अदालत ने मामले में आमने आए वीडियो की सच्चाई के साथ-साथ यह भी पूछा है कि क्या सुमित शराब के नशे में था?
न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा व न्यायमूर्ति सरोज यादव की खंडपीठ ने यह आदेश मामले में साजिश रचने के अरोपी बनाए गए ललितकांत पांडेय की याचिका पर दिया। याचिका में आरोपी की गिरफ्तारी पर रोक लगाने और इस मामले में दर्ज वर्तमान एफआईआर को रद्द किए जाने की गुजारिश की गई है। याची की ओर से दलील दी गई कि वास्तव में सुमित मिश्रा की मृत्यु पुलिस पिटाई से हुई थी। पुलिस ने खुद को बचाने के लिए उसे व अन्य लोगों को फंसा दिया है। याचिका में अपने दावे की पुष्टि के लिए याची ने वीडियो क्लीपिंग्स का भी हवाला दिया। कोर्ट ने पुलिस आयुक्त को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर जवाब देने के साथ ही यह भी बताने का आदेश दिया है कि वर्तमान याची के विरुद्ध अब तक क्या साक्ष्य सामने आए हैं?
अलीगंज थाना क्षेत्र में 16 जुलाई को सुमित मिश्र नाम के युवक की अगवा कर हत्या कर देने के आरोप में पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बाद में एक वीडियो वायरल हुआ जिसके आधार पर दावा किया गया है कि मृतक की जान पुलिस की पिटाई से गई है। इस मामले में डीसीपी उत्तरी के पर्यवेक्षण में एसीपी अलीगंज जांच कर रहे हैं। मामले की अगली सुनवाई मंगलवार को होगी।