फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP Nikay Chunav: बसपा ने लोकसभा चुनाव से पहले मुस्लिमों का मन पढ़ने के लिए खेला बड़ा दांव, किया ये प्रयोग

Tue, 25 Apr 2023 10:18 AM IST
ishwar ashish अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

बसपा ने लोकसभा चुनाव 2024 में मुस्लिमों का मन पढ़ने के लिए प्रयोग किया है। यूपी निकाय चुनाव में उन्होंने नगर निगम में बड़े पैमाने पर मुस्लिम उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है।
विज्ञापन
बसपा सुप्रीमो मायावती। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बसपा सुप्रीमो मायावती ने लोकसभा चुनाव 2024 से पहले नगर निकाय चुनाव में मुस्लिम मतदाताओं का मन पढ़ने के लिए बड़ा दांव खेला है। उन्होंने नगर निगम में महापौर पद के चुनावी मैदान में 17 में से 11 मुस्लिम उम्मीदवार उतारे हैं। जबकि वर्ष 2017 के चुनाव में बसपा ने 16 सीटों पर मात्र दो मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिया था।

विज्ञापन


शहरों में सरकार बनाने की रणनीति में मायावती की नजर लोकसभा 2024 के चुनाव पर है। दलितों को मायावती अपना काडर वोटर मानती हैं। ऐसे में बसपा की कोशिश है, किसी भी तरह से मुस्लिम बसपा के साथ आ जाएं। यही कारण है कि नगर निकाय चुनाव में 64 प्रतिशत से ज्यादा टिकट मुस्लिम उम्मीदवारों को दिए हैं। पहले चरण के चुनाव के लिए बसपा ने दस में छह मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिए। वहीं, दूसरे चरण में सात में से पांच मुस्लिम उम्मीदवारों को मैदान में उतारा। यह संख्या पिछले चुनाव से पांच गुना से भी ज्यादा है।

ये भी पढ़ें - अखिलेश से मिले बिहार के सीएम नीतीश, बोले- सभी के साथ मिलकर भाजपा को सत्ता से बेदखल करेंगे
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - शिवपाल का भाजपा पर पलटवार, कहा- बीजेपी अब किसी का भी चरित्र हनन करने वाली पाठशाला बन गई है


पिछले नगर निगम चुनाव में केवल अलीगढ़ और बरेली में बसपा ने मुस्लिम प्रत्याशी को टिकट दिया था। अलीगढ़ में जीत भी दर्ज की थी। दरअसल मायावती इस फॉर्मूले पर एक प्रयोग करना चाह रही हैं। विधानसभा चुनाव में मुस्लिमों ने बड़ी ताकत के साथ सपा को वोट किया। इसके बावजूद सपा बहुमत से काफी दूर रही। उधर, बसपा की नैया भी चुनाव में डूब गई। बसपा से मात्र एक ही प्रत्याशी चुनाव जीत सका था। यहां तक कि बसपा का काडर वोटर भी खिसका। अब मायावती दोनों को एक साथ जोड़ने की मुहिम में हैं।

यह चाल कितनी सफल
पर, बड़ा सवाल यह है कि यह चाल कितनी सफल होती है। बसपा थिंक टैंक का मानना है कि यदि दलित और मुस्लिम साथ आ गए तो न केवल निकाय चुनाव, बल्कि लोकसभा चुनाव तक की राह आसान होगी। जब भी ये दोनों एक साथ आए हैं, बसपा को लाभ हुआ है।

विज्ञापन

इस चुनाव में बसपा के महापौर पद के उम्मीदवार

लखनऊ : शाहीन बानो
अयोध्या : राममूर्ति यादव
कानपुर : अर्चना निषाद
सहारनपुर : खादिजा मसूद

मथुरा : राजा मोहतासिम अहमद
मेरठ : हसमत अली
शाहजहांपुर : शगुफ्ता अंजुम

फिरोजाबाद : रुखसाना बेगम
प्रयागराज : सईद अहमद
मुरादाबाद : मोहम्मद यामीन

गाजियाबाद : निसारा खान
अलीगढ़ : सलमान साहिद
बरेली : युसूफ खान
आगरा : लता

झांसी : भगवान दास फुले
वाराणसी : सुभाष चंद्र माझी
गोरखपुर : नवल किशोर नाथानी
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें