विधानसभा चुनाव में इस बार बसपा की योजना ज्यादा से ज्यादा युवाओं को जोड़ने की है। इसके लिए पार्टी ने दो युवाओं को अहम जिम्मेदारी दी है। पार्टी के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद एवं राष्ट्रीय महासचिव सतीश मिश्रा के पुत्र कपिल मिश्रा पर पार्टी का फोकस है। इस बाबत सतीश मिश्रा ने ट्वीट के जरिए भी यह साफ कर दिया कि पार्टी युवाओं को लेकर इस बार आगे बढ़ रही है।
विधानसभा चुनाव को लेकर बसपा की रणनीति में युवाओं पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। सभी जोन में ऐसे युवा दावेदारों को जोड़ने की मशक्कत चल रही है जो इस चुनाव में बसपा की राह आसान कर सकते हैं। पार्टी थिंक टैंक का मानना है कि बसपा का परंपरागत वोटर तो बसपा के साथ मजबूती से खड़ा ही है पर युवाओं को और मजबूती से जोड़ना होगा। यही कारण है कि इस बार बसपा के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद लगातार युवाओं को जोड़ने की मशक्कत कर रहे हैं।
काडर युवा वोटर के साथ साथ इससे जुड़े अन्य वोटरों को जोड़ने की जिम्मेदारी आकाश को दी गई है। दूसरी तरफ पार्टी महासचिव सतीश मिश्रा के पुत्र कपिल मिश्रा को मैदान में उतारा गया है। कपिल को भले ही प्रत्यक्ष तौर पर कोई पद न दिया गया हो पर उन्हें युवाओं को जोड़ने की सीधी जिम्मेदारी दी गई है। यही कारण है कि बसपा के प्रबुद्घ वर्ग सम्मेलन के प्रत्येक मंच पर कपिल मौजद रहे। वह लगातार युवाओं के साथ बैठक भी कर रहे हैं। ब्राह्मण युवाओं के अलावा उन्हें अन्य युवाओं को जोड़ने के लिए भी कहा गया है।
दरअसल, आकाश और कपिल के आपसी सामंजस्य को भी बसपा ने अपनी रणनीति का हिस्सा बनाया है। इसी पर सतीश मिश्रा ने ट्वीटर के जरिए भी संदेश देने की कोशिश की है। रविवार को उन्होंने ट्वीट किया किया कि इन दोनों युवाओं के नेतृत्व में हर वर्ग का युवा तेजी से बसपा से जुड़ रहा है। साथ ही कहा गया है कि दोनों ही मैदान में डटे हैं और बसपा युवाओं केनेतृत्व में चुनाव लड़ने केलिए पूरी तरह से तैयार है।