प्रदेश के हर जिले में बीएसएल 2 लैब बनाई जाएगी। इसके तहत नौ जिलों के सीएचसी और पीएचसी में इस लैब के सिविल कार्य के लिए 148.63 लाख रुपये जारी स्वीकृत किया गया है। इसमें से पहली किस्त के रूप में 74.30 लाख रुपये जारी कर दिया गया है।
वहीं, 31 अन्य जिलों में बीएसएल 2 के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। महानिदेशक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा डॉ. वेदब्रत ने बताया कि इन लैब के बनने से संक्रामक बीमारियों पर नियंत्रण समय पर हो सकेगा।
कोविड संक्रमण फैलने के बाद सभी जिलों में बीएसएल 2 लैब की स्थापना की जा रही है। केजीएमयू में बीएसएल4 और एसजीपीजीआई में बीएसएल3 लैब को मंजूरी दी गई है। जिला अस्पतालों में बीएसएल 2 लैब बनाई जा रही है।
जिन जिलों के जिला अस्पताल में लैब के लिए जगह नहीं है, वहां सीएचसी और पीएचसी में बनाया जा रहा है। इसके जरिए संक्रामक बीमारियों की जल्द से जल्द पहचान हो सकेगी। अब तक 35 जिलों में बीएसएल 2 लैब कार्य कर रही हैं। स्वास्थ्य विभाग ने शेष 31 जिलों के लिए भी शासन को प्रस्ताव भेजा है।