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गर्लफ्रेंड को बाइक पर बैठाकर दिखा रहा था स्टंट, दर्दनाक मौत

Fri, 18 Dec 2015 02:23 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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गर्लफ्रेंड को बाइक में बैठाकर स्टंट दिखा रहे हुसैनगंज निवासी शाहरुख खान (17) की बृहस्पतिवार दोपहर हादसे में मौत हो गई। शाहरुख सहारा शहर से जनेवश्वर मिश्र पार्क जाने वाले ओवरब्रिज पर बाइक दौड़ा रहा था।
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पुल के ऊपर मोड़ पर बाइक अनियंत्रित होकर गिर पड़ी। शाहरुख का सिर डिवाइडर से टकराया। हेलमेट न पहने होने से उसके सिर के टुकड़े हो गए। उधर, बाइक बेकाबू होते ही गर्लफ्रेंड ने चीखते हुए छलांग लगा दी। उसके पैर में चोट आई है।

गोमतीनगर एसओ श्यामबाबू शुक्ला ने बताया कि शाम करीब साढ़े चार बजे मॉडर्न कंट्रोलरूम को किसी ने हादसे की सूचना दी थी। पुलिस मौके पर पहुंची तो शाहरुख को क्षत-विक्षत हालत में पड़ा पाया गया।
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पुलिस किसी तरह उसे उठाकर लोहिया अस्पताल ले गई, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस से सूचना पाकर परिवारीजन अस्पताल पहुंचे। शाहरुख की मौत की खबर मिलते ही रोना-पीटना मच गया। जबकि गर्लफ्रेंड को मामूली उपचार के बाद घर भेज दिया गया है।

पुलिस ने बताया कि शाहरुख हुसैनगंज के जौहरी गढ़ैया निवासी अब्दुल सफीर खान का बेटा था। सफीर दरोगाखेड़ा में टीवीएस वर्कशॉप के मैकेनिक डिपार्टमेंट में सुपरवाइजर हैं।

उन्होंने बताया कि भतीजे मो. समी का निकाह था। शाहरुख ने दोपहर करीब ढाई बजे समी की अपाचे बाइक ली और कुछ देर में आने की बात कहकर चला गया। शाम करीब पांच बजे पुलिस ने शाहरुख का एक्सीडेंट होने की सूचना दी।
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रेसिंग कर रहा था शाहरुख

जनेश्वर मिश्र पार्क के पास ओवरब्रिज पर चौबीसों घंटे बाइकर्स खड़े रहते हैं। यहां किशोर अपनी गर्लफ्रेंड को लेकर आते हैं और शर्त लगाकर रेस करते हैं।

ओवरब्रिज के घुमावदार मोड़ पर बाइक दौड़ाते वक्त सबसे ज्यादा जोखिम होता है। चर्चा है कि शाहरुख भी अपनी गर्लफ्रेंड को बाइक पर बैठाकर किसी दूसरे लड़के के साथ रेसिंग कर रहा था।

मोड़ पर बाइक घुमाते वक्त दोनों बाइक एकदम नजदीक आ गईं। दोनों बाइक के हैंडल टकरा गए जिससे शाहरुख की बाइक बेकाबू होकर गिर पड़ी और हादसा हो गया।

शाहरुख ने इसी साल इस्लामियां इंटर कॉलेज से 12वीं की परीक्षा पास की थी। वह चार भाई-बहन गुल्फिशा, मंतशा और कैफ में दूसरे नंबर का था। मां जरीना ने बताया कि उसने बीए का प्राइवेट फॉर्म भरा था।

परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। बहनों के निकाह और भाई की पढ़ाई-लिखाई के लिए वह किसी नौकरी की तलाश कर रहा था।
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