पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह को अंतिम विदाई देने के लिए कांग्रेस और सपा नेताओं के नहीं आने पर भाजपा ने दोनों ही दलों पर निशाना साधा है। पिछड़े वर्ग के कद्दावर नेता कल्याण को श्रद्धांजलि नहीं देने के मुद्दे के जरिये भाजपा पिछड़े वोट बैंक को साधने में भी जुट गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य और उन्नाव के सांसद साक्षी महाराज जैसे पिछड़ी जातियों के बड़े नेताओं ने कांग्रेस और सपा पर तुष्टिकरण और मुस्लिम वोट बैंक के लालच में कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि नहीं देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सपा और कांग्रेस ने पिछड़े वर्ग का अपमान का किया है, 2022 में प्रदेश की जनता इसका जवाब देगी।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने मंगलवार को ट्वीट कर कहा कि अखिलेश यादव अपने आवास से मात्र एक किलोमीटर दूर मॉल एवेन्यू में ‘बाबूजी’ को श्रद्धांजलि देने नहीं जा सके। कहीं मुस्लिम वोट बैंक के मोह ने उन्हें पिछड़ों के सबसे बड़े नेता को श्रद्धांजलि देने से तो नहीं रोक लिया।
स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि कल्याण सिंह ने लगातार छह दशक तक प्रदेश में जननेता के रूप में सक्रिय राजनीति की। उनके निधन पर पूरा प्रदेश व देश लखनऊ से लेकर नरौरा तक श्रद्धासुमन अर्पित करने उमड़ पड़ा। बसपा सुप्रीमो मायावती सहित तमाम नेताओं ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की। राजस्थान के मुख्यमंत्री ने राजकीय शोक और सार्वजनिक अवकाश घोषित किया। उत्तर प्रदेश की सरजमी से जुड़े मुलायम सिंह और अखिलेश यादव श्रद्धांजलि अर्पित करने नहीं गए जबकि मुलायम उन्हें अपना मित्र बताते थे। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका भी कल्याण को श्रद्धांजलि अर्पित करने नहीं पहुंचे।
उन्नाव के सांसद साक्षी महाराज ने कहा कि मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने एक वर्ग विशेष के वोट बैंक और तुष्टिकरण की राजनीति के कारण कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित नहीं की। कल्याण सिंह सरकार के कार्यकाल में अयोध्या में विवादित ढांचा टूटा था इसलिए कांग्रेस और सपा के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित नहीं की। ये ओबीसी और दलित वर्ग का अपमान है।