त्रिस्तरीय रणनीति के तहत मंत्रियों, प्रदेश पदाधिकारियों व क्षेत्र पदाधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई है। मंत्रियों को प्रशासनिक अधिकारियों, थानाध्यक्ष व पुलिस से जुड़े विषयों का समाधान कराने के साथ प्रतिष्ठित राजनीतिक व सामाजिक व्यक्तियों से संवाद व संपर्क करने की जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही उन्हें ग्राम प्रधान, बीडीसी, जिला पंचायत सदस्य, ब्लॉक प्रमुख, आंगनबाड़ी, आशा कार्यकर्ता, स्वयं सहायता समूह, राशन कोटेदार व अन्य लोगों के साथ बैठक करके योजना तैयार करने की जिम्मेदारी भी दी गई है।
प्रदेश पदाधिकारियों को चुनाव की व्यवस्था संबंधी जिम्मेदारी सौंपी गई है जो खास तौर पर क्षेत्र व जिलाध्यक्ष के बीच समन्वय बनाने, दूसरे दलों की स्थिति का आकलन करने, कार्यक्रमों व अभियानों के संचालन तथा सेक्टर, मंडल व विधानसभा क्षेत्र में सभाओं के आयोजन का काम संभालेंगे।
क्षेत्र पदाधिकारियों को चुनाव की संगठनात्मक रूपरेखा तैयार करने के साथ हर बूथ का व्हाट्सएप ग्रुप बनवाने, प्रत्येक बूथ पर पांच-पांच बाइक वाले कार्यकर्ताओं की सूची तैयार करने व बूथ प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।