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कह रहा सट्टा बाजार, अबकी बार-मोदी सरकार

Wed, 14 May 2014 10:52 AM IST
विष्णु मोहन/अमर उजाला, लखनऊ
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लोकसभा चुनाव को लेकर जहां सियासी चर्चाएं गर्म हैं, विभिन्न चैनलों पर प्रसारित हो रहे एग्जिट पोल आम लोगों में चर्चा का विषय बने हुए हैं, वहीं सट्टा बाजार भी चुनाव के नतीजों को लेकर उफान पर है।
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जिस तरह एब्जिट पोल में भाजपा सबसे मजबूत पार्टी की तरह उभर रही है, वैसे ही सट्टा बाजार में भाजपा के भाव सबसे ऊंचे हैं। वहीं, किसी भी पार्टी को बहुमत न मिलने की स्थिति में गठबंधन की उम्मीदों पर भी सट्टा लगाया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश का शायद ही कोई बड़ा शहर हो जो चुनावी माहौल में चल रहे सट्टे से अछूता हो।

किसी खास ठीहे पर बैठकर भाव नहीं लगाए जा रहे बल्कि एसी कारों में सफर करने के दौरान मोबाइल फोन से इसे अंजाम दिया जा रहा है।

सटोरिए भी जानते हैं कि पुलिस व अन्य सुरक्षा एजेंसियां इस समय चुनाव के कार्यों में व्यस्त हैं और चुनावी नतीजे आने के बाद ही उनकी ओर नजर कर पाएंगी। तब तक करोड़ों-अरबों का खेल हो चुका होगा।
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इनके लिए हर मुद्दा मुफीद

शुरुआती दौर में किसे टिकट मिलेगा और किसका टिकट कटेगा, इस पर सट्टा लगा।

फिर किस सीट पर किसका पलड़ा भारी रहेगा, किसके पक्ष में क्या जातीय समीकरण हैं, किस पार्टी को कितनी सीटें मिलेंगी, किसे बहुमत मिलेगा, गठबंधन होगा तो किसका होगा, इन बिंदुओं पर सट्टा लगा।

...ताकि न हो शोर
इस बार सट्टा बाजार में नया ट्रेंड देखने में आ रहा है। सटोरिए बहुत चालाकी से मुनाफा कमा रहे हैं। भाव बहुत अधिक नहीं लगाए जा रहे हैं जिससे हारने वाले को अधिक नुकसान न हो और सट्टे को लेकर शोर न हो।

हर पार्टी का अलग भाव

सट्टा बाजार में सबसे अधिक भाव भाजपा, उसके बाद आप, फिर सपा और बसपा और सबसे कम कांग्रेस का है।

यह भाव उनको मिलने वाली सीटों की संभावना और चुनाव के दौरान विभिन्न पार्टियों के लिए बनी फिजा को देखते हुए लगाया जा रहा है। जिसे जितनी अधिक सीट मिलने का आकलन, उसका भाव उतना ही ज्यादा।

इसी वजह से सबसे अधिक सट्टा मोदी और फिर केजरीवाल पर लगा। बाद में सट्टा बाजार में केजरीवाल का भाव कुछ गिरा और यूपी में ‘आप’ के मुकाबले समाजवादी पार्टी का पलड़ा भारी-हल्का होता रहा।

सटोरियों का आकलन भाजपा को देश में 225 से 265 के बीच सीटें मिलने का है। वहीं, यूपी में भाजपा को 45 से 52, सपा को 10 से 12, बसपा को 10 से 14, कांग्रेस को 7 से 10 और ‘आप’ को दो से तीन सीटों का है।
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बहुमत और गठबंधन के अलग भाव

सट्टा कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि भाजपा की बहुमत की सरकार बनने और बहुमत न मिलने पर गठबंधन की सरकार बनने पर 1 पर 2 या 1 पर 5 तक का रेट लग रहा है।

ऐसे ही अलग-अलग पार्टियों की सीटों को लेकर 1000 पर 1100 से 1300 रुपये तक का भाव चल रहा है।

ईवीएम से वोटिंग होने के कारण अब मतगणना के दौरान पहले की तरह चक्रवार भाव नहीं लग सकता। इसलिए हर घंटे घोषित होने वाले रुझान पर भाव लगेंगे।
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