कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के बाद अब पूर्व केंद्रीय मंत्री और सपा सांसद बेनी प्रसाद वर्मा ने कहा है कि गांधीजी की हत्या की साजिश आरएसएस ने ही रची थी।
उन्होंने कहा कि सुबूत मिलने के बाद ही तत्कालीन गृहमंत्री सरदार पटेल ने संघ पर प्रतिबंध लगाया था और इसके नेताओं को जेल भेजा था। बेनी प्रसाद शुक्रवार को रामनगर के बरदरी में कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे।
आरएसएस पर हमला बोलते हुए बेनी ने कहा कि पुलिस के हत्थे चढ़े संघ के एक कार्यकर्ता ने कोर्ट में बयान दिया था कि हमसे 30 जनवरी को 12 बजे अच्छी खबर सुनने के लिए रेडियो चालू रखने को कहा गया था। बेनी ने कहा कि अगर गांधीजी की हत्या से संबंधित सरदार पटेल के पत्राचार को सामने लाया जाए तो यह साबित हो जाएगा।
अखिलेश का काम अच्छा, सरकार के कुछ लोग बदनामी करा रहे
बेनी प्रसाद वर्मा ने सम्मेलन में कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का चेहरा और काम दोनों ही अच्छा है। हालांकि सरकार के कुछ लोग बदनामी करा रहे हैं। मुख्यमंत्री और मुलायम सिंह यादव की नसीहत के बाद भी ये सुधर नहीं रहे।
अखिलेश का चेहरा-काम दोनों अच्छा... अपने लगा रहे दाग
वहीं, सीएम अखिलेश पर बेनी ने कहा, अखिलेश का काम और चेहरा दोनों बहुत अच्छा है, लेकिन अपने ही लोग भ्रष्टाचार में लिप्त हैं जिससे अखिलेश की बदनामी हो रही है।
उन्होंने सपा नेताओं को चेतावनी दिया कि चुनाव में बहुत कम समय बचा है। उन्होंने कहा सुधर जाओ नहीं तो जनता सुधार देगी। नेताओं पर सबसे बड़ा दाग भ्रष्टाचार का होता है। देश में जितनी भी सरकारें बदली हैं सब भ्रष्टाचार के आरोप के कारण।
शुक्रवार को वह रामनगर के बरदरी में एक कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के काम की जमकर तारीफ किया। लेकिन सरकार और पार्टी पर कुछ लोगों के कारण लग रहे भ्रष्टाचार के आरोप की वजह वह थोड़ा खिन्न दिखे।
'अखिलेश जैसा बेदाग चेहरा किसी के पास नहीं'
उन्होंने कहा कि अखिलेश जैसा बेदाग चेहरा किसी पार्टी के पास नहीं है। हम अखिलेश के कार्यों का पूरा फायदा नहीं उठा पा रहे हैं। कभी किसी मंत्री पर भ्रष्टाचार का आरोप लगता है तो कभी किसी अधिकारी पर।
जनता में ये संदेश जा रहा है कि सरकार भ्रष्टाचार के मामले में कार्रवाई नहीं कर रही है। कहा कि सरकार की योजनाएं बहुत अच्छी हैं लेकिन अधिकारियों और कर्मचारियों की रिश्वतखोरी के कारण उसका लाभ जनता को नहीं मिल रहा है।
कहा कि जिसको पैसा कमाना हो वह राजनीति से छोड़कर धंधा-पानी शुरू कर दे। बिजनेस की कीजिए टाटा अंबानी बनिए कोई रोक टोक नहीं है। लेकिन अगर राजनीति में हैं अपना दामन बहुत साफ रखिए।