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रक्षा सचिव ने कहा - छावनी को नगर निकायों की तरह मिलेगी वित्तीय मदद

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जिस छावनी में रहने वालों को बुनियादी सुविधाएं भी मयस्सर नहीं होती, बजट की कमी के चलते साफ-सफाई से लेकर निर्माण कार्य तक कई कार्य महीनों अटक रहते हैं।
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पर, अब ऐसा नहीं होगा। देश की 62 छावनियों में रहने वाली तकरीबन 20 लाख की आबादी को आधारभूत सुविधाएं मिलेंगी।
इसके लिए छावनी परिषदों को नगर निकायों की तरह आबादी के प्रतिशत में अनुदान दिया जाएगा। यह अनुदान राज्य सरकारें देंगी।
यह कहना है रक्षा मंत्रालय के रक्षा सचिव अजय कुमार का। वह शनिवार को राजधानी पहुंचे थे। जहां सदर स्थित मंगला देवी स्कूल के नए भवन के लोकार्पण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित थे।
समारोह के मंच से उन्होंने आगे कहा कि इज ऑफ लिविंग व इज ऑफ डूईंग के अंतर्गत अब छावनी निवासियों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए नियमों को आसान बनाया जा रहा है।
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पहले जहां छावनी में लोगों को बारिश की लीकेज की मरम्मत तक के लिए परिषद से अनुमति लेनी पड़ती थी, वहीं अब उन्हें ऐसी अनुमति की जरूरत नहीं है।
यही नहीं, व्यापारियों को ट्रेड लाइसेंस के लिए प्रतिवर्ष भटकना पड़ता था। लेकिन अब ऐसा नहीं करना होगा। व्यवस्थाएं ऑनलाइन की गई हैं। रिन्यूवल के लिए भी माथापच्ची नहीं करनी होगी।
अब बगैर किसी बाधा व अनुमति के शौचालय बनवाया जा सकता है। ये सुविधाएं एक-एक कर सभी छावनियों में लाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि ई-छावनी की सुविधाएं ऑनलाइन की जा रही हैं।
अंग्रेजी के साथ हिंदी समेत सभी क्षेत्रीय भाषाओं में इसे बनाया गया है। उत्तर प्रदेश में डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में निवेश बढ़ रहा है। एचएएल भी कानपुर में सिविल एयरक्राफ्ट बना रहा है। देश में सौ नए सैनिक स्कूल खोले जाएंगे।
गैलेंट्री अवॉर्ड पोर्टल लॉन्च
रक्षा सचिव ने कहा कि प्रधानमंत्री ने वीरता पदक विजेताओं के लिए गैलेंट्री अवॉर्ड पोर्टल लॉन्च किया है। इस पर इन सभी वीरों की गाथाएं रहेंगी। उन्होंने जरूरत जताई कि इन वीर गाथाओं को पाठ्यक्रम में भी शामिल किया जाए।
नए एक्ट पर होंगे चुनाव
छावनी परिषद के आम चुनावों को लेकर किए गए सवाल पर रक्षा सचिव ने स्पष्ट किया कि देशभर में छावनी परिषद के आम चुनाव लंबित हैं, जो नए एक्ट के लागू होने के बाद ही होंगे। एक्ट का ड्राफ्ट बनवाकर उस पर हजारों आम नागरिकों की राय ली जा चुकी है। जिसका अध्ययन कर एक्ट का बिल मंजूरी के लिए भेज दिया गया है। प्रशासन और बोर्ड की जगह जनप्रतिनिधियों को नए एक्ट में ज्यादा अधिकार दिए जाएंगे।
गुजरे दिनों को किया याद
अजय कुमार ने अपने गुजरे दिनों की यादें भी मंच से साझा कीं। उन्होंने बताया कि आईआईटी कानपुर से पासआउट होने के बाद आठ महीने लखनऊ में जॉब की। इसी बीच वह आईएएस बन गए। लखनऊ से उनका गहरा लगाव है। डिफेंस एक्सपो जैसा बड़ा इवेंट लखनऊ में करवाया गया। इसके बाद वह छावनी अस्पताल में निरीक्षण के लिए भी गए। जहां डॉ. जोशी ने उन्हें अस्पताल के विकास की रूपरेखा से रूबरू कराया। छावनी परिषद के पदाधिकारियों से भी मुलाकात की।
व्यापारियों ने की मुलाकात
सदर व्यापार मंडल के व्यापारियों ने रक्षा सचिव से मुलाकात कर समस्याओं से रूबरू कराया। अध्यक्ष सतबीर सिंह राजू ने बताया कि लीज रिन्यूवल से लेकर छोटे-मोटे काम करवाने तक के लिए अनुमतियों के जाल में फंसाया जाता है। सब डिवीजन का एक केस नौ साल से लंबित है। कोई सुनवाई नहीं। दुकानों की लीज आसानी से हो, इस बाबत ज्ञापन भी दिया गया है। उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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