बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है। राप्ती नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। महाराजगंज ललिया सहित करीब दस मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया है। पीएचसी महाराजगंज तराई सहित आधा दर्जन स्कूलों में पानी भर गया है। राप्ती नदी की बाढ़ में फंसे 11 लोगों को बचाया गया। परवल के खेत की रखवाली करने 11 लोग गए थे। छह घंटे की मेहनत के बाद उन्हें सुरक्षित निकाला गया, जिसमें पांच बच्चे और छह महिलाएं शामिल थीं।
राप्ती नदी खतरे के निशान से 10 सेमी.नीचे है। वर्तमान जल स्तर 104.500 मी0 है। खतरे का मानक निशान 104.620 मीटर है। तहसील तुलसीपुर के 16 ग्राम बाढ़ से आंशिक/सामान्य रूप से प्रभावित हुए हैं। एक टीम एसडीआरएफ दो मोटर बोट्स के साथ तैनात हैं। फ्लड पीएसी भी लगाई गई है। स्वास्थ्य विभाग की 32 मेडिकल टीमें गठित की गई हैं। 32 बाढ़ चौकियां एवं 19 बाढ़ शरणालय बनाये गये हैं। सभी बाढ़ चौकियां एवं बाढ़ शरणायल सक्रिय हैं। राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य एवं पशुपालन विभाग के कार्मिक ड्यूटी पर तैनात किए गए हैं।
बनाए गए कंट्रोल रूम
बलरामपुर जनपद स्तरीय इन्टीग्रेटेड कंट्रोल कमाण्ड सेंटर के नंबर 9170277336, 8960010336, 05263-236250 संचालित है। इसके अलावा तहसील बलरामपुर का कन्ट्रोल रूम नम्बर 05263-234024, तहसील तुलसीपुर का कन्ट्रोल रूम नम्बर- 9400696224, तहसील उतरौला के कन्ट्रोल रूम नम्बर-7991441311, 954416061 व 05265252469 संचालित है।बाढ़ खण्ड बलरामपुर का हेल्प लाइन नम्बर 05263-232283 अथवा 7706881121 है।सीएमओ ऑफिस का कन्ट्रोल रूम न०- 7704995639 एवं 9838616121 है। इसके अलावा एम्बुलेन्स सेवा 108 कॉल पर सम्पर्क कर मदद ली जा सकती है।