लखनऊ। गाली-गलौज व अपमानित करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के तीन साल पुराने एक मामले में सीतापुर जेल में बंद पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां की ओर से कोर्ट में दी गई जमानत अर्जी खारिज हो गई है।
एमपी/एमएलए के विशेष अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अम्बरीष कुमार श्रीवास्तव ने आजम की अर्जी खारिज करते हुए कहा कि आरोपी ने ऐसे तथ्यों को प्रकाशित किया जो लोकभय उत्पन्न करते हैं जिससे कोई व्यक्ति या समुदाय लोक शांति को भंग करने के लिए उत्प्रेरित हो सकता है। मालूम हो कि आजम खां के खिलाफ इस मामले की रिपोर्ट हजरतगंज थाने में एक फरवरी 2019 को वादी अल्लामा जमीर नकवी ने दर्ज कराई थी जिसमें कहा गया है कि घटना वर्ष 2014 से संबंधित है लेकिन सरकार के प्रभाव के चलते उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की जा रही थी। उन्होंने अपनी शिकायत राज्य अल्पसंख्यक आयोग को भेजकर आरोप लगाया कि आजम खान सरकारी लेटर हेड व सरकारी मुहर का दुरुपयोग करके भाजपा, आरएसएस एवं मौलाना सैयद कल्बे जव्वाद नकवी को बदनाम कर राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छवि धूमिल कर प्रतिष्ठा को घोर आघात पहुंचा रहे हैं।