बहराइच में भेड़ियों का आतंक जारी है। ये खूंखार जानवर इतने खतरनाक हैं कि लोगों के समूह के बीच आसान शिकार तलाश लेते हैं। इन्हें पकड़ने के लिए 32 राजस्व और 25 वन टीमों को लगाया गया है लेकिन खूंखार भेड़िए तैनात 57 टीमों को अपनी होशियारी से चकमा दे रहे हैं। टीमों द्वारा हर संभव कवायद की जा रही है लेकिन दो भेड़ियों की होशियारी के आगे सभी कवायदें फेल नजर आ रही हैं। शनिवार को भी टीमें गन्ने के खेत व नदी के कछार में खाक छानती रहीं लेकिन भेड़िये हाथ नहीं लगे।
हरदी थाना क्षेत्र में शनिवार की रात फिर भेड़िए ने दस्तक दी। भेड़िये ने घर में मां के साथ सो रहे पारस (07) पर हमला कर दिया। भेड़िए ने बालक को गले से दबोचकर भागने का प्रयास किया लेकिन उसकी चीख सुनकर परिजन जाग गए। परिजनों का शोर सुनकर भेड़िया खेतों में भाग गया। सूचना पर पहुंची पुलिस व वन टीम ने बालक को सीएचसी महसी पहुंचाया। जहां उसका इलाज जारी है।
शनिवार रात सीसीटीवी में भेड़िया को चहलकदमी करते देखा गया। लोगों की भीड़ देखकर वो खेतों में भाग गया।
50 गांव हैं भेड़ियों से प्रभावित
महसी तहसील के हरदी व खैरीघाट थाना क्षेत्रों के लगभग 50 गांव भेड़ियों से प्रभावित हैं। इन क्षेत्रों में शासन-प्रशासन की ओर से युद्ध स्तर पर जागरूकता व धरपकड़ अभियान चलाया जा रहा है। शनिवार को भी दिनभर डीएफओ बहराइच अजीत प्रताप सिंह, डीएफओ बाराबंकी आकाशदीप बधावन व बीडीओ हेमंत यादव के नेतृत्व में टीमों ने अभियान चलाया लेकिन खाली हाथ रहीं। वहीं ग्रामीण भी टोली बनाकर भेड़ियों को तलाशते रहे लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। गौरतलब है कि बाकी दोनों भेड़ियों को पकड़ने के लिए तीन थर्मल ड्रोन, चार पिंजरे, आधा दर्जन जाल व छह ट्रैपिंग कैमरे लगाए गए हैं।