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बहराइच हिंसा: रामगोपाल को गोली लगते ही निकल गए तहसीलदार, बाइक से ले जाना पड़ा, लोग बोले-खून का बदला खून

Tue, 15 Oct 2024 05:54 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला संवाद, बहराइच

सार

 Bahraich News: बहराइच हिंसा रविवार के बाद सोमवार को भी जारी रही। जिस मुख्य घटना की वजह से यह हिंसा फैली अब उसकी कड़ियां एक के बाद एक खुलने लगी हैं। 

 
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बहराइच हिंसा। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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Bahraich Violence Live: रामगोपाल को घर में खींचकर मारा जा रहा था। उसे जब तक बाहर ला पाते तब तक उस पर गोलियां दागी जा चुकी थीं। गोपाल को अस्पताल ले जाने के लिए जब तहसीलदार से गुहार लगाई तो वह भाग गए। बाइक से किसी तरह से रामगोपाल को अस्पताल ले जाना पड़ा। तहसीलदार की इस हरकत से परिजन आक्रोशित हैं।

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प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान दूसरे समुदाय के लोगों द्वारा रविवार को गोली मारकर रामगोपाल की हत्या के बाद सोमवार को चचेरे भाई ने बताया कि पुलिस प्रशासन की लापरवाही से वारदात हुई। भाई पर बर्बरता कर उसको मरणासन्न कर दिया गया था। उसे अस्पताल पहुंचाने के लिए तहसीलदार से मदद मांगी गई तो उन्होंने अपनी गाड़ी देने से मना कर दिया। वहां से भाग गए। रामगोपाल को किसी तरह से अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों के अनुसार अगर तहसीलदार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए गाड़ी से रामगोपाल को जल्दी अस्पताल पहुंचया होता तो शायद उसकी जान बच जाती।

तहसीलदार को गांव से खदेड़ा
तहसीलदार के रवैये पर परिजन और ग्रामीण आक्रोशित थे। इस बीच एसडीएम सोमवार सुबह जब रामगोपाल के घर पहुंचे तो परिजनों उनको खदेड़ दिया। लोगों का आक्रोश देख अफसरों ने तत्काल वहां से तहसीलदार को हटा दिया।
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इंसाफ चाहिए...वह जैसे भी मिले

bahraich - फोटो : amar ujala
रामगोपाल की पत्नी पोस्टमार्टम हाउस पहुंची थीं। रोते हुए उन्होंने कहा कि इंसाफ चाहिए। वह चाहे जैसे मिले। यह भी कहा कि खून का बदला खून चाहिए। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि उनके भीतर पति की हत्या को लेकर कितना गुस्सा भरा हुआ है। एक तरह से पूरा परिवार प्रतिशोध की आग में जल रहा है। इसलिए पुलिस बल की भारी तैनाती की गई है। परिजनों से अफसर लगातार बातचीत भी कर रहे हैं। आश्वासन दे रहे हैं कि वह आरोपियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करेंगे।

पुलिस ने हमें ही लाठियों से पीटा
परिजनों ने कहा कि हर साल प्रतिमा का विसर्जन होता है। यह पहली बार नहीं था। ऐसे में पुलिस प्रशासन को पुख्ता इंतजाम करना चाहिए था। पहले तो वह इंतजाम सही नहीं कर सके, जब बवाल हुआ तो उसको काबू नहीं कर पाए। सीधा सीधा उन्होंने पुलिस प्रशासन की नाकामी बताई। यह भी कहा कि बवाल के बाद उनके ही पक्ष पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। दूसरे पक्ष पर मेहरबानी दिखाई गई। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने में भी लापरवाही की गई। देर रात बस फोटो खिंचाने के लिए आला अफसर मौके पर पहुंचे। इसे लेकर भी लोगों में नाराजगी है।

लापरवाही पर हरदी थाना प्रभारी व महसी चौकी प्रभारी निलंबित

bahraich - फोटो : amar ujala
 महसी तहसील के हरदी थाना क्षेत्र के महराजगंज कस्बे में हुई घटना को लेकर लोगों में पुलिस प्रशासन के प्रति भारी आक्रोश है। जिसे देखते हुए एसपी वृंदा शुक्ला ने हरदी थाना प्रभारी सुरेश कुमार वर्मा व महसी चौकी इंचार्ज शिव कुमार को निलंबित कर दिया है। हालांकि सीओ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उन पर कार्रवाई न होने से लोगों में अभी भी भारी आक्रोश है।

एसपी वृंदा शुक्ला ने बताया कि अपने दायित्यों में लापरवाही को लेकर एसएचओ व महसी चौकी प्रभारी को निलंबित किया गया है। पूरे घटना क्रम की सघन जांच की जा रही है। कर्तव्यों में लापरवाही बरतने वाले किसी को भी बक्शा नहीं जाएगा। हालांकि एसपी की कार्रवाई के बाद भी लोगों में आक्रोश बना हुआ है। लोगों का कहना है कि थाने की पुलिस के साथ-साथ सीओ रुपेन्द्र गौड़ ने भी लापरवाही बरती और लाठियां भांजी। ऐसे में इनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

बहराइच में सांप्रदायिक हिंसा। - फोटो : अमर उजाला।
महसी तहसील के बाजपेईपुरवा निवासी गौतम वाजपेयी ने बताया कि सभी लोग प्रतिमा विसर्जन करने जा रहे थे। इस दौरान महराजगंज कस्बे में गाली गलौज किया गया और और प्रतिमा पर पत्थर फेंका गया। सिपहियाप्युली निवासी अखिलेश वाजपेयी ने बताया कि पुलिस ने विसर्जन करने जा रहे श्रद्धालुओं पर ही लाठीचार्ज कर दिया और दूसरे समुदाय के लोगों को कुछ नहीं कहा। एसओ हरदी खुद हमें पीटते रहे। अखिलेश वाजपेयी भाजपा के बूथ अध्यक्ष भी हैं। गोलू वाजपेयी ने बताया कि सारी कमी क्षेत्रीय पुलिस प्रशासन की रही। अगर पुलिस सक्रिय रहती तो हालात नहीं बिगड़ते। प्रतिमाओं पर जब पत्थर फेंके गए तो उस समय पुलिस मौन साधे रही। अगर उसी समय कार्रवाई होती तो गोली कांड नहीं होता। पत्थरबाजी के आधे घंटे बाद गोलीकांड हुआ।
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ऐसे शुरू हुआ विवाद 

घटना के बाद सांप्रदायिक तनाव। - फोटो : अमर उजाला।
बहराइच जिले के महसी तहसील के महराजगंज कस्बे में रविवार की शाम मूर्ति विसर्जन के दौरान डीजे पर बज रहे गाने को लेकर विवाद हो गया। गाने के विरोध में दूसरे समुदाय के युवकों ने गाली-गलौज की और छत से पत्थरबाजी कर दी। बताया जाता है कि पत्थर चलने से मां दुर्गा की प्रतिमा खंडित हो गई। जिससे दूसरे समुदाय ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। आरोप है कि प्रदर्शन दौरान दूसरे समुदाय के लोग एक युवक को घर के अंदर पकड़ ले गए और गोली मार दी। जिससे रेहुवा मंसूर निवासी रामगोपाल मिश्रा(24) की मौत हो गई। वहीं उसे बचाने पहुंचा राजन(28) भी गंभीर रुप से घायल हो गए। यही नहीं लगभग एक दर्जन अन्य लोगों के घायल होने की बात कही जा रही है। स्थिति को काबू में करने के लिए मौके पर छह थानों की पुलिस व पीएसी तैनात है। एसपी वृंदा शुक्ला समेत अन्य आला अधिकारी महराजगंज में कैंप कर रहे हैं।
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