प्रदेश के निजी कॉलेजों में बीएड करने के लिए स्टूडेंट्स को अब 81,250 रुपये फीस देनी होगी। जबकि सरकारी कॉलेजों में यह फीस तीन हजार रुपये से लेकर 23 हजार रुपये के बीच होगी।
नेशनल काउंसिल फॉर टीचर्स एजूकेशन (एनसीटीई) के निर्देश पर बीएड पाठ्यक्रम दो वर्ष के किए जाने के बाद सूबे के विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों ने नए सिरे से बीएड फीस निर्धारित करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है।
दो वर्षीय पाठ्यक्रम होने के बाद पहले साल निजी कॉलेज 51,250 रुपए और दूसरे साल अधिकतम 30 हजार रुपए फीस ले सकेंगे। जबकि अभी तक निजी कॉलेजों के लिए बीएड की अधिकतम फीस महज 51,250 रुपये थी।
बता दें कि इस साल लखनऊ विश्वविद्यालय को सूबे में संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा के आयोजन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।