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Ayodhya Ram Mandir : सबके राम की परिकल्पना को साकार करेगा राम मंदिर, पूरे देश का दिखेगा प्रतिनिधित्व

Wed, 03 Jan 2024 11:12 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव सचिन मुद्गल, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

मंदिर के लिए चट्टान कर्नाटक से लाई गई है। मंदिर के लिए सागवान की लकड़ी महाराष्ट्र सरकार ने दी है। पंजाब और हरियाणा से ईंटें आई है। जम्मू से मंदिर में आकर्षक डिजाइन और रंग भरने वाले कारीगर आए हैं।
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रामलला का विग्रह।
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विस्तार
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अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर बन रहा नव्य, दिव्य और भव्य राम मंदिर सबके राम की परिकल्पना को साकार करेगा। श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट ने मंदिर निर्माण से लेकर प्राण प्रतिष्ठा समारोह तक में केरल से कन्याकुमारी तक पूरे देश के सभी प्रदेशों और समाजों की भागीदारी सुनिश्चित कर सबके राम को चरितार्थ करने का प्रयास किया है।

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राम मंदिर निर्माण कार्य देख रहे आर्किटेक्ट आशीष सोमपुरा बताते हैं कि मंदिर निर्माण में पूरे देश से किसी न किसी रूप में सहभागिता है। मंदिर के फर्श पर लगने वाला मार्बल राजस्थान के मकराना से लाया गया है वहीं मंदिर निर्माण के लिए पत्थर भी राजस्थान से ही लाया गया है। मंदिर के गुम्मद पर लगने वाला ध्वजा दंड गुजरात से लाया गया है। 

मंदिर के लिए चट्टान कर्नाटक से लाई गई है। मंदिर के लिए सागवान की लकड़ी महाराष्ट्र सरकार ने दी है। पंजाब और हरियाणा से ईंटें आई है। जम्मू से मंदिर में आकर्षक डिजाइन और रंग भरने वाले कारीगर आए हैं। लकड़ी के दरवाजे, खिड़कियां और अन्य सामान तैयार करने वाले के कारीगर केरल से आए हैं। सूर्य तिलक बनाने वाले कारीगर उत्तराखंड से आए हैं। उत्तराखंड के सीबीआरआई से मशीनरी भी आई है।
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मंदिर निर्माण में बिहार, राजस्थान, उड़ीसा, कर्नाटक, तमिलनाडु के श्रमिक, कारीगर और इंजीनियर दिनरात काम कर रहे हैं। कर्नाटक और तमिलनाडु के कारीगर मूर्ति बना रहे हैं। तांबा भारत सरकार से खरीदा गया है। पीतल का सामान यूपी सहित अन्य दक्षिण भारत के अन्य प्रदेशों से खरीदा गया है।

प्राण प्रतिष्ठा में पूरा भारत एक जगह होगा
आरएसएस के एक पदाधिकारी ने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा समारोह में भी सबके राम की झलक देखने को मिलेगी। प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने वाले 8 हजार से अधिक मेहमानों में देश के सभी प्रदेशों के लोगों के साथ आदिवासी, पिछड़े, दलित, अगड़े वर्ग की सभी जातियों और समुदायों के लोगों को बुलाया गया है। सबके राम के सिद्धांत पर ही राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया है।

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