मां शबरी और राम का होगा मंदिर।
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राम जन्मभूमि परिसर में सबके राम... की भी अवधारणा साकार होगी। परिसर में रामायण काल की मातृ शक्तियों के भी मंदिर बनाए जाएंगे। राम जन्मभूमि के भव्य गर्भगृह में विराजमान होने वाले बाल स्वरूप रामलला को माता शबरी व अहिल्या आशीर्वाद देती नजर आएंगी। राम को जन-जन का राम... बनाने में इन मातृ शक्तियों की अहम भूमिका है। किसी ने राम को जीत का द्वार दिखाया, किसी का राम ने उद्धार किया।
राम जन्मभूमि परिसर में माता भगवती, माता शबरी, अहिल्या व अन्नपूर्णा का भी मंदिर प्रस्तावित है। श्रीराम ने पाषाण रूपी अहिल्या का उद्धार किया था। माता सीता की खोज के दौरान भगवान माता शबरी से मिले तो शबरी ने ही उन्हें सुग्रीव से मिलने का सुझाव दिया, जिससे लंका विजय का मार्ग प्रशस्त हुआ। परिसर में माता भगवती का भी मंदिर बनेगा, जो आदिशक्ति दुर्गा हैं। इसके अलावा सीता रसोई में मां अन्नपूर्णा का मंदिर प्रस्तावित है। प्रख्यात कथावाचक जगद्गुरु रामदिनेशाचार्य कहते हैं कि शक्ति और शक्तिमान में अभेद्य संबंध होता है।शक्ति के बिना शक्तिमान अपना अस्तित्व प्राप्त नहीं कर पाता। वहीं ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र कहते हैं कि रामायण काल की मातृ शक्तियां जिनका राम के जीवन में अहम प्रभाव रहा है, उन्हें मंदिर परिसर में स्थान दिया जाएगा।
होटलों में सिर्फ अतिथियों व मीडिया समूहों की होगी बुकिंग
डीएम नितीश कुमार ने जिले के सभी होटल संचालकों से कहा कि 22 जनवरी के लिए बुकिंग सिर्फ आमंत्रित अतिथियों व मीडिया समूहों की होनी चाहिए। यहां आने वाले अतिथियों से अच्छा व्यवहार हो। उन्हें सुगमता के साथ बेहतरीन सुविधा व व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएं।
डीएम मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों व होटल मालिकों के साथ बैठक कर रहे थे। डीएम ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम पर समूचे विश्व की निगाहें हैं। हम सभी का कर्तव्य है कि यहां आने वाले अतिथि, श्रद्धालु व पर्यटक अयोध्या की संस्कृति और आतिथ्य भाव के सुखद एहसास को लेकर जाएं। सभी होटल मालिकों ने ट्रस्ट व प्रशासन के समन्वय से ऐसा करने के प्रति आश्वस्त किया। बैठक में ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र, एडीएम सिटी सलिल पटेल, एसपी मधुबन सिंह व नगर मजिस्ट्रेट अरविंद द्विवेदी मौजूद रहे।