राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र।
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चंपत राय ने कहा कि जिस अस्थायी मंदिर में भगवान रामलला तंबू से लाकर विराजित कराए गए थे। उस मंदिर की रक्षा करना का निर्णय हो गया है। वहां पर आज हनुमान जी की प्रतिमा विराजित है। वहां पर भी जागृति बनी रहे, पूजन होता रहे इसलिए व्यवस्था की जाएगी। राममंदिर में दीपोत्सव कब मनाया जाएगा। इस सवाल पर कहा कि यह एक सामान्य बात है। इसका निर्णय ट्रस्ट नहीं करेगा, या तो ज्योतिष के आचार्य करेंगे या फिर जो जानकार हैं वो करेंगे।
परकोटा के बाहर होगी जूता-चप्पल उतारने की व्यवस्था
चंपत राय ने बताया कि श्रद्धालुओं को अभी नंगे पैर लंबी दूरी तय करना पड़ती है। मंदिर के दक्षिणी-पूर्वी कोने के पास काफी स्थान उपलब्ध है। वहां पर 10 से 15 हजार लोगों के जूता-चप्पल रखने की सुविधा उपलब्ध करा दी जाएगी। 12 से 13 घंटे में एक लाख लोग ये सुविधा प्राप्त कर सकेंगे। परकोटे के बाहर जूता-चप्पल उतारने की व्यवस्था की जाएगी। नंगे पैर परिसर में चलने की दूरी काफी कम हो जाएगी। जहां जूते उतारे जाएंगे वहां हाथ धोने की व्यवस्था होगी।
अयोध्या में निर्मित भव्य राम मंदिर।
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