कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के आने के पहले ही इंदिरा गांधी ऑडीटोरियम में पूरी महफिल सज चुकी थी। गायन के रियलिटी शो सारेगामापा में हिस्सा ले चुकीं शहर की प्रतीक्षा और प्रियांशी श्रीवास्तव ने अपने गानों से लोगों का मनोरंजन किया।
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इन दोनों ने न सिर्फ हिट फिल्मी गाने सुनाए बल्कि मुख्यमंत्री की तारीफ में शहर के ही अच्छे लाल सोनी द्वारा लिखे गाने को पेश किया। इस गीत को उन्होंने तब भी पेश किया जब मुख्यमंत्री मंच पर बैठे हुए थे।
मुख्यमंत्री के बोलने से पहले कैबिनेट के कई वरिष्ठ मंत्रियों ने अपने विचार रखे। नेताओं के बोलने की लिस्ट और भी लंबी थी लेकिन सीएम ने कहा कि बच्चों को बुलाइए।
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नहीं दे पाए सीएम को गुलदस्ता
1 जुलाई को सीएम का बर्थडे भी होता है। यह बात भले ही वहां मौजूद मेधावियों को पता नहीं थी लेकिन मुख्यमंत्री के चाहने वाले सपा के कार्यकर्ता इस बात को बखूबी जानते थे। कार्यक्रम शुरु होते-होते बहुत से हाथों में बुके दिखने लगे थे।
जब सीएम ने अपने भाषण में खुद के बर्थडे होने का जिक्र किया तो तमाम सारे बुके हवाओं में लहराए जाने लगे। लेकिन सीएम ने बहुत ही शालीनता से कहा कि यह मानिए कि मैने आपका बुके ले लिया है।
अपने हाथ से अपने नेता को जन्मदिन पर बुके न दे पाने का अफसोस कार्यकताओं के चेहरे पर जरुर दिखा। हालांकि बाद में कार्यकर्ताओं ने अमर उजाला सीएम के लिए लाए गए केक का लुत्फ जरूर लिया।
कार्यक्रम खत्म होने के बाद बहुत सारे बुके सीटों में पड़े हुए दिखे। तो कुछ बुके को लेकर छात्र एक-दूसरे को हंसी मजाक भी करते हुए दिखे।
सेल्फी की चाहत से परेशान
कार्यक्रम शुरु होने के पहले कुछ टॉपरों को बोलने का मौका दिया गया था। सभी ने एक कॉमन इच्छा जरूर जताई। सबका कहना था कि वह मुख्यमंत्री के साथ सेल्फी जरूर लेना चाहेंगे। जब से उन्होंने इस आयोजन के बारे में सुना था तभी से उन्होंने यह तय कर लिया था कि वह सीएम के साथ सेल्फी जरूर लेंगे।
सेल्फी की यही चाहत कई बार मुख्यमंत्री के लिए परेशानी का भी सबब बनने लगी। चूंकि कार्यक्रम का शेड्यूल बहुत ही व्यस्त था और हर बच्चे के पीछे बच्चों की कतार लगी थी ऐसे सीएम का सबके साथ सेल्फी लेना कठिन था।
लेकिन कुछ ने अपनी यह चाहत जरूर पूरी की। लेकिन सेल्फी की यह चाहत अखिलेश के लिए थोड़ी समस्या जरुर बन रही थी। लेकिन वह अनुरोध करने वाले किसी बच्चे को मना नहीं कर रह रहे थे।
फेसबुक के लिए फोटोशूट
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा सम्मानित किए जाने केबाद उत्साह से लबरेज मेधावियों ने अपने पिताओं, भाइयों और माओं केसाथ सेल्फी ली और पूछने पर बताया कि उसे फेसबुक पर पोस्ट करेंगे।
कार्यक्रम के बाद ये मेधावी अलग-अलग एंगल से अपनी सेल्फी और ग्रुप फोटो लेते दिखे। एलपीएस लखनऊ की यूपी टॉपर ज्योति राठौर ने अपने पापा के साथ सेल्फी खींची।
वहीं बरेली की हाईस्कूल टॉपर सेजल ज्वॉय ने पिता मुनीष मिश्र केसाथ फोटो खींचकर तुरंत फेसबुक पर पोस्ट कर दी। इतना ही रायफल शूटिंग चैम्पियन रही जालौन की खिलाड़ी ने अपने भाई के साथ सेल्फी लेते हुए खुशी जताई।
अरे सर दीजिए न आटोग्राफ
मंच पर सम्मानित हो रहे मेधावियों ने जहां मुख्यमंत्री के साथ फोटो व सेल्फी खींची। वहीं सीएम अखिलेश यादव का आटोग्राफ लेने वाले छात्र-छात्राओं में होड़ मची रही। सीएम ने खुलकर बच्चों की तारीफ की और आटोग्राफ दिया।
इसी दौरान सम्मान लेने के बाद वापस लौटी कई छात्राओं ने कहा कि ‘अरे सर एक आटोग्रॉफ फिर से दीजिए न’। जिस पर मुख्यमंत्री व अन्य मंत्रियों के चेहरे पर मुस्कुराहट फैल गई।
एक खास बात यह जरुर रही कि अखिलेश यादव जिस भी बच्चे को सम्मानित कर रहे थे उससे यह पूछने की कोशिश जरूर कर रहे थे कि वह बच्चा है कहां का।
ऐसा नहीं है कि बच्चों ने सिर्फ पढ़ाई के बारे में बात की। प्रमाण पत्र और मेडल लेने के दौरान मिले चंद पलों में वह सीएम से बात भी करना चाह रहे थे। कुछ ने मुख्यमंत्री से अपनी समस्याओं के बारे में भी बात की। किसी-किसी से सीएम ने एक सज्जन की तरफ इशारा करते हुए यह भी कहा कि इन्हें अपना मोबाइल नंबर और नाम लिखवा दें।
सहारनपुर की इंटरमीडिएट टॉपर सोनी ने मुख्यमंत्री के हाथों सम्मान समारेाह ग्रहण करते वक्त उन्हें इलाकाई समस्याओं का पुलिंदा भी सौंपा, जिसे मोड़कर उन्होंने अपनी जेब में रख लिया। सोनी ने बताया कि उनकेशहर के हालात बद से बदतर हो रहे हैं।
गंदगी से शहर पट चुका है, सरकारी विभागों में सुनवाई नहीं होती और ऐसी ही समस्याएं मुख्यमंत्री को लिखकर दी हैं। उम्मीद है कि सीएम सर इन समस्याओं पर गौर करेंगे और उनका निस्तारण जल्द से जल्द करवाएंगे।