लखनऊ। केजीएमयू में अब तीमारदारों को खुले आसमान के नीचे नहीं रहना पड़ेगा। शताब्दी फेज-एक के पास 12 मंजिला रैन बसेरा निर्माण के अंतिम दौर में है। इसमें एक साथ करीब 1200 तीमारदारों के ठहरने की व्यवस्था होगी। कुलपति सोनिया नित्यानंद के मुताबिक, यह भवन अगले माह तक पूरी तरह तैयार हो जाएगा।
केजीएमयू में करीब 4000 बेड हैं। यहां प्रदेश समेत कई राज्यों से मरीज इलाज के लिए आते हैं। कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने बताया कि तीमारदारों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रैन बसेरे के विस्तार की योजना बनाई गई थी। पहले यहां चार मंजिला भवन तैयार था। मरीजों के साथ आने वाले तीमारदारों की संख्या लगातार बढ़ने पर इसे 12 मंजिल तक विस्तारित करने का फैसला लिया गया। इंजीनियरों ने तकनीकी जांच के बाद इसकी मंजूरी दी। निर्माण कार्य अंतिम चरण में है।
ज्यादातर कमरों में एसी की सुविधा
प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि रैन बसेरे में आग से बचाव के इंतजाम हैं। बहुमंजिला भवन में आने-जाने के लिए लिफ्ट और सीढ़ियां दोनों बनाई गई हैं। ज्यादातर कमरों में एयर कंडीशन की सुविधा होगी, जिससे गर्मी में दूर से आने वाले तीमारदारों को राहत मिलेगी। अस्पताल प्रशासन ठहरने का शुल्क भी सस्ता रखेगा, ताकि उन पर आर्थिक बोझ न बढ़े।