लखनऊ। मोहनलालगंज के मानखेड़ा में अवैध शराब, पेट्रोल व डीजल की तस्करी की सूचना पर शुक्रवार रात छापा मारने गई एसटीएफ टीम पर आरोपियों ने हमला कर दिया। टीम ने दो तस्करों को दबोच लिया है। उनके पास से भारी मात्रा में डीजल, पेट्रोल व मिलावटी शराब बरामद की है। तस्करी का धंधा सपा नेता व जिला पंचायत सदस्य अरुण यादव के अहाते से संचालित हो रहा था। एसटीएफ के एसआई की तहरीर पर सपा नेता समेत सात लोगों के खिलाफ नामजद व 40 अज्ञात पर हत्या के प्रयास समेत कई संगीन धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
एसटीएफ के प्रभारी एसएसपी विशाल विक्रम सिंह के मुताबिक, मोहनलालगंज के मानखेड़ा में सपा नेता व जिला पंचायत सदस्य अरुण यादव का गिरोह मिलावटी शराब, डीजल व पेट्रोल का काला कारोबार कर रहा था। गिरोह के सदस्य चालकों से मिलकर टैंकरों की बिना सील तोडे़ शराब, डिनेचर्ड स्प्रिट, डीजल व पेट्रोल निकाल लेते थे। सपा नेता के अहाते मे ही बडे़ पैमाने पर मिलावटी शराब तैयार कर बेची जा रही थी। वहीं अहाते में ही टैकरों से निकालकर पेट्रोल व डीजल की तस्करी लखनऊ समेत आसपास के जिलों में की जा रही थी।
एसटीएफ टीम को टैंकर से रौंदने की कोशिश
सूचना पर शुक्रवार रात एसटीएफ के उप निरीक्षक पवन कुमार सिंह की अगुवाई में टीम ने अरुण यादव के मानखेड़ा गांव स्थित अहाते में छपा मारा तो सफारी पर सवार सपा नेता के कहने पर टैंकर चालक ने टीम को टैंकर से रौंदने की कोशिश की। लेकिन टीम ने किसी तरह अपनी जान बचा ली। उपनिरीक्षक के अनुसार, इसी बीच सपा नेता ने अपने 30-40 हथियारबंद समर्थको को कॉल कर बुला लिया। इसके बाद टीम को घेर लिया गया। इसी बीच सूचना पाकर भारी संख्या मे पुलिस बल पहुंचने से बदमाश भाग एग। पुलिस ने टैंकर चालक मुरादाबाद के सराय खजूर निवासी मोहम्मद मोहसिन और सपा नेता के भाई सौरभ यादव उर्फ निर्मल को गिरफ्तार कर लिया। टीम ने अहाते से 500 लीटर डीजल व पेट्रोल, 200 लीटर एल्कोहल व 35 लीटर डेनेचर्ड स्प्रिट बरामद करने के साथ ही खाली पिपिया व अन्य उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस ने अरुण यादव के साथ ही मोहसिन, सौरभ यादव, छोटू यादव, गोलू यादव, दीपू व पवन यादव के अलावा 40 अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया है।
सूझबूझ से टल गया दूसरा बिकरू कांड
एसटीएफ की सूझबूझ से दूसरा बिकरू कांड होने से टल गया। एसटीएफ की टीम जैसे ही मानखेड़ा स्थित अहाते में पहुंची। पुलिस के छापे से बदमाश बौखला गए और टैंकर से कुचलकर मारने की कोशिश की। लेकिन पहले ही टीम सतर्क हो गई। किसी तरह से खुद को बचा लिया। टीम ने भागने के बजाय पोजिशन ले ली और सरेंडर करने को कहा। इसी बीच सपा नेता के समर्थकों ने हथियारों से लैस होकर टीम को घेर लिया। टीम के लोगों को ढूंढने लगे लेकिन अंधेरा होने और समय पर पुलिस के पहुंचने से बड़ी वारदात होने से बच गई।
डायरी में छिपे हैं कई राज
एसटीएफ टीम को छापे के दौरान एक डायरी मिली है जिसमें तस्करी के कारोबार से जुड़े लोगों केनाम व रुपये के लेनदेन का पूरा हिसाब दर्ज है। पुलिस इसके आधार पर गिरोह के अन्य तस्करों व आसपास के जिलों में फैले नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है। एसटीएफ के हाथ लगी डायरी में पुलिस समेत तमाम विभागों व लोगों का हिसाब किताब दर्ज है। लोगों का कहना है कि यदि डायरी के हिसाब से कार्रवाई हुई तो कई बड़े व रसूखदार सलाखों के पीछे होंगे।
अपनी पसंद के चौकी इंचार्ज की कराता था तैनाती
सपा नेता अरुण यादव के रसूखका आलम यह था कि जो चौकी इंचार्ज मनमाफिककाम नहीं करता था तो वह उसे हटवा देता था। वह अपने मनमाफिक चौकी इंचार्ज व पुलिस कर्मियों की तैनाती कराता था जिससे उसका काला कारोबार बिना रोक-टोक के चलता रहे।
पुलिस पर नहीं था भरोसा, एसटीएफ ने की कार्रवाई
कनकहा पुलिस चौकी से कुछ दूरी पर तस्करी का धंधा जोरशोर से चल रहा था लेकिन पुलिस अनजान बनी रही। सूत्रों की माने तो सपा नेता के हर काले कारनामे का ब्योरा रखने वाले ने ही स्थानीय पुलिस के बजाय एसटीएफ को सूचना दी क्योंकि उसे पता था कि पुलिस सपा नेता पर कार्रवाई नहीं करेगी। बताया जा रहा है कि छापे के दौरान वह शख्स एसटीएफ के लगातार संपर्क में भी रहा।