सूत्रों के मुताबिक 2017 में मिली सीटों के अलावा अपना दल ने अवध और बुंदेलखंड में कई सीटों पर दावा किया है। इनमें बांदा, महोबा, झांसी के अलावा कुशीनगर, बहराइच, अयोध्या, कानपुर, आजमगढ़ और बहराइच की कई सीटें शामिल हैं। इनमें से कुछ जिलों को छोड़कर सभी में पार्टी की अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल सभा भी कर चुकी हैं।
उधर, निषाद पार्टी के अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद भी दो अंकों में सीट देने की मांग कर चुके हैं, साथ ही आरपीआई के अध्यक्ष व केन्द्रीय मंत्री रामदास आठवले भी कम से कम 10 सीटों पर दावेदारी पेश कर चुके हैं। इसी प्रकार बिहार में भाजपा की सहयोगी जनता दल (यू) भी 3-4 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है। ऐसे में सहयोगी दलों को सीटें देने को लेकर भाजपा पर दबाव बढ़ गया है।
अपना दल (एस) के कार्यकारी अध्यक्ष आशीष पटेल का कहना है कि हर पार्टी अपना विस्तार चाहती है। हम भी पार्टी को विस्तार देकर अपना दायरा बढ़ाना चाहते हैं। जहां तक सीटों के बंटवारे का सवाल है तो हमने भाजपा हाईकमान के सामने अपनी मांग रख दी है।
निषाद पार्टी के अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद का कहना है कि भाजपा के सामने हमने अपनी मांग रख दी है। हमें उम्मीद है कि दो अंकों में मुझे सीटें मिलेगी। मुझे उम्मीद है कि एक-दो दिन में सीटों का बंटवारा हो जाएगा।