उत्तर प्रदेश को जल्द ही एक और टाइगर रिजर्व मिलने जा रहा है। इसके लिए वन विभाग ने शासन को चित्रकूट के रानीपुर जंगल में टाइगर रिजर्व बनाने का प्रस्ताव भेजा है। मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व के काफी बड़े हिस्से के डूब क्षेत्र में आने की आशंका से यह फैसला किया गया है। रानीपुर का जंगल पन्ना टाइगर रिजर्व से एकदम सटा हुआ है, जहां अक्सर बाघ देखे भी जाते हैं।
प्रदेश सरकार ने जुलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (जेडएसआई) से रानीपुर जंगल का सर्वे भी कराया है। जेडएसआई की रिपोर्ट में कहा गया है कि पन्ना टाइगर रिजर्व से अक्सर बाघ इस क्षेत्र में आते रहते हैं, हालांकि अब तक उन्होंने इस क्षेत्र को अपना स्थायी निवास नहीं बनाया है। लेकिन भविष्य में इसकी उम्मीद से इन्कार नहीं किया जा सकता है।
बता दें कि केन-बेतवा लिंक परियोजना चालू होने पर मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व का बड़ा हिस्सा डूब क्षेत्र में आ जाएगा। प्रदेश के प्रमुख वन संरक्षक (वन्य जीव) एसके उपाध्याय की ओर से शासन को भेजे गए प्रस्ताव के अनुसार रानीपुर टाइगर रिजर्व का क्षेत्रफल 730 वर्ग किलोमीटर है।
प्रदेश सरकार के अनुमोदन के बाद इस प्रस्ताव को केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। केंद्र की अनुमति मिलने पर यह प्रदेश का चौथा टाइगर रिजर्व होगा। दुधवा, पीलीभीत और अमानगढ़ टाइगर रिजर्व पहले से ही हैं। प्रदेश में टाइगर्स की संख्या लगातार बढ़ रही है। मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए केंद्र सरकार से चौथे टाइगर रिजर्व के लिए भी मंजूरी मिलने की उम्मीद है।