आनंद ने कहा कि शाहरुख का फिल्म में बौना होना ही इसकी यूएसपी नहीं है, बल्कि फिल्म की कहानी लोगों को पसंद आएगी। उन्होंने बताया कि शूटिंग की शुरुआत में शाहरुख कच्छा, बनियान पहनने में काफी झिझक कर रहे थे लेकिन धीरे-धीरे वो कम्फर्टेबल हो गए...। और फिर इतना कम्फर्टेबल हुए कि मुझे लगता है कि वो घर में भी शायद ऐसे ही घूमते होंगे।
लखनऊ से अपने जुड़ाव पर आनंद ने कहा कि ये शहर मेरे लिए मेरे दूसरे घर की तरह है। लखनऊ एक सांस लेता शहर है। जब भी यहां आता हूं लोगों से मिलता हूं, बहुत खुशी मिलती है।