केवी गोमतीनगर में सोमवार से शुरू हुई 46वीं जवाहर लाल नेहरू राष्ट्रीय विज्ञान गणित और पर्यावरण बाल प्रदर्शनी में केवी संगठन लखनऊ संभाग के स्कूली छात्रों ने विभिन्न मॉडलों के जरिये अपने ज्ञान-विज्ञान कौशल का प्रदर्शन किया।
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केवी कैंट की कक्षा 9वीं की छात्रा संजना कुमारी ने स्पाई आई नामक यंत्र तैयार किया है। यह अचानक कार का गेट खोलने के कारण पीछे से आ रहे वाहन चालकों को हादसे का शिकार होने से बचाएगा।
प्रदर्शनी का उद्घाटन लखनऊ संभाग के सहायक आयुक्त टीपी गौड़ ने किया।
उन्होंने सभी छात्रों द्वारा बनाए प्रदर्शित किए गए मॉडलों का अवलोकन किया। इस अवसर पर छात्रों ने सरस्वती वंदना, समूह गान समेत रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। प्रदर्शनी में लखनऊ संभाग के बरेली, बदायुं, पीलीभीत, रायबरेली आदि जिलों से 55 स्कूलों की छात्र टीमें प्रतिभाग कर रही हैं।
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सीएसआईआर, सीडीआरआई, एनबीआरआई के वैज्ञानिक व लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर निर्णायक की भूमिका अदा की। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. सीबीपी वर्मा, उप प्राचार्य जेएस राय समेत समस्त शिक्षक मौजूद रहे।
चोर के आने पर घर में बज जाएगी घंटी
हिमांशु विश्वकर्मा
- फोटो : amar ujala
केवी कैंट की कक्षा 9 की छात्रा संजना कुमारी ने स्पाई आई यंत्र बना है। जिसे कार में फिट किया जा सकता है। कई बार लोग कार को सड़क पर ही रोक कर दरवाजा खोलने लगते हैं। ऐसे में साइड से निकलने वाला दुपहिया वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो जाता है।
संजना ने बताया कि यह यंत्र किसी भी चार पहिया वाहन में फिट किया जा सकता है। इसका अल्ट्रो सोनिक फाइंडर सेंसर के रूप में काम करता है। यदि किसी ने कार का दरवाजा खोला और उसी दौरान को साइड से गुजर रहा हो तो सेंसर उसकी दूरी व स्पीड माप कर दुर्घटना होने से पहले ही कार का दरवाजा खुद ही बंद कर देगा।
केवी लखीमपुर के कक्षा आठवीं के छात्र हिमांशु विश्वकर्मा ने बेकार पड़ी चीजों से ऐसा यंत्र तैयार किया है, जो चोर के घर में घुसने की सूचना देगा। अवांछित व्यक्ति के प्रवेश करते ही डोर बेल अपने आप बज उठेगी और तब तक बजती रहेगी जब तक घर का सदस्य उसको बंद नहीं करता। इस यंत्र को बनाने के लिए हिमांशु ने डीसी मोटर, स्विच, साइकिल की घंटी आदि का प्रयोग किया है।
केवी 3 चकेरी, कानपुर की कक्षा 11वीं की छात्रा दिशा ने ऐसा मॉडल तैयार किया है, जिसके माध्यम से फैक्ट्रियों से निकलने वाली जहरीली गैसों से उपयोगी कंपाउंड तैयार किया जा सकता है। इससे प्रदूषण कम होगा। दिशा ने बताया कि फैक्ट्रियों से कार्बन डाइऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन का उत्सर्जन होता है।
इनको वायु में घुलने से पहले ही एकत्रित कर पानी के साथ रिएक्ट करा सकते हैं, जिससे सोडियम कॉर्बोनेट, सोडियम सल्फेट और सोडियम नाइट्रेट एसिड का निर्माण किया जा सकता है। ये कंपाउंड फॉर्म में निर्मित होगा। जिनको बाद में साबुन बनाने, खाद्य पदार्थों को प्रिजर्व करने और खाद में इस्तेमाल किया जा सकता है।
छुट्टे जानवरों से मिल जाएगा छुटकारा
केवी आईआईएम के कक्षा 11वीं के छात्र दिव्यांशु चौहान ने गाय, बैल आदि छुट्टे जानवरों से छुटकारा पाने के लिए अनोखा मॉडल तैयार किया है। उन्होंने स्मार्ट कैटल शेल्टर नामक मॉडल तैयार किया है, जिसे कई जगहों पर स्थापित किया जा सकता है। ये शेल्टर न केवल छुट्टा जानवरों के लिए आरामगाह साबित हो सकता है, बल्कि इनसे कई काम भी कराए जा सकते हैं।
मॉडल के अनुसार इन छुट्टा जानवरों को टरबाइन चलाने का काम लिया जा सकता है। कोल्हू की तरह टरबाइन को चलाएंगे तो उसके माध्यम से बिजली का उत्पादन किया जा सकता है। कोल्हू की तरह टरबाइन को चलाएंगे तो उसके माध्यम से बिजली क उत्पादन किया जा सकता है। कोल्हू की तरह टरबाइन को चलाएंगे तो उसके माध्यम से बिजली का उत्पादन किया जा सकता है। साथ ही जानवरों की मदद से बायो गैस प्लांट की भी शुरुआत की जा सकती है। वहीं जानवरों के भोजन के लिए आसपास के क्षेत्रों में बचा हुआ भोजन का इस्तेमाल किया जा सकता है।