आवंटित दुकानों की सूची देखते लोग।
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आबकारी विभाग की नई नीति के तहत शराब की दुकानों के आवंटन के लिए सोमवार को ई- लॉटरी की प्रक्रिया संपन्न हो गई। प्रदेश की 26,005 शराब दुकानों में से 20,860 का आवंटन ई- लॉटरी के माध्यम से कर दिया गया।
आबकारी आयुक्त धीरज साहू ने बताया कि पहले चरण के लिए आठ मार्च को ई- लॉटरी की प्रक्रिया होनी थी लेकिन तकनीकी कारणों से उस दिन यह काम नहीं हो पाया। लेकिन सोमवार को प्रदेश के सभी जिलों में इसे सफलता पूर्वक पूरा कर लिया गया।
उन्होंने बताया कि जिन दुकानों को आवंटित कर दिया गया है उन्हें 6 कार्य दिवसों में शेष लाइसेंस फीस जमा करनी होगी। यानी लाइसेंस फीस जमा करने के लिए 26 मार्च तक का समय दिया गया है। वहीं, बाकी बची 5145 दुकानों के लिए दूसरे चरण में आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। इसके लिए 21 से 23 मार्च तक आवेदन मांगे गए हैं और 23 मार्च तक ही ई- लॉटरी में भाग लेने के लिए फीस जमा की जाएगी। दूसरे चरण की ई- लॉटरी 26 मार्च को निकाली जाएगी। इसके लिए जिलाधिकारी विज्ञापन जारी करेंगे।
धीरज साहू ने बताया कि पहले चरण की ई- लॉटरी में हिस्सा लेने के लिए 22,143 दुकानों के लिए दो लाख 48 हजार आवेदन आए थे। प्रत्येक जनपद में एक व्यक्ति को अधिकतम दो दुकानें आवंटित होने की शर्त थी।
ऐसे में तीसरी दुकान आवंटित न होने और आवेदन पत्रों में खामियों के चलते केवल 20,860 दुकानों का ही आवंटन हो सका। आबकारी आयुक्त ने बताया कि पहली बार शराब दुकानों के आवंटन के लिए ई- लॉटरी प्रक्रिया अपनाई गई। इसमें कंप्यूटर द्वारा रैंडम नंबर जनरेट करने के बाद चयन होता है।