राम जन्मभूमि परिसर में रविवार को अक्षत पूजन का भव्य कार्यक्रम हुआ। रामलला के दरबार में विधिविधान पूर्वक अक्षत भरे 100 कलशों की पूजा की गई। इसके बाद पूजित कलश देश के कोने-कोने से आए विहिप के 100 कार्यकर्ताओं को दिए गए। पूजित अक्षत देश के पांच लाख गांवों में यहां से भेजे गए।
विहिप के देशभर के कुल 118 कार्यकर्ता अयोध्या पहुंचे थे। पीतल के कलशों में पांच-पांच किलो अक्षत भरा गया। इन्हें सुबह आरती के समय से दोपहर आरती तक गर्भगृह में रखा गया। दोपहर 12 बजे के बाद अभिजित मुहूर्त में अक्षत भरे कलशों की पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद एक-एक कार्यकर्ता को राम जन्मभूमि परिसर में प्रवेश कराया गया। सिर पर कलश रखकर सभी कार्यकर्ता राम जन्मभूमि परिसर से वैदिक मंत्रोच्चार व जय श्रीराम का उद्घोष करते हुए रामजन्म भूमिपथ पर बनाए गए पंडाल में पहुंचे।
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श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि प्रांत कार्यकर्ता तय करेंगे कि एक-एक जिले में कितना अक्षत भेजा जाएगा। फिर जिले के कार्यकर्ता गांव, मोहल्ला व वार्ड की गणित के अनुसार अक्षत वितरण करेंगे। दिसंबर तक यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। एक जनवरी से मकर संक्रांति तक कार्यकर्ता टोलियां बनाकर घर-घर जाएंगे। चावल के चार दाने घर के मुखिया को देंगे। यह रामलला की ओर से उत्सव मनाने का निमंत्रण होगा। यह भी अपील की जाएगी कि इसे अयोध्या आने का निमंत्रण न माना जाए।
अक्षत पूजन कार्यक्रम में जगद्गुरु विश्व प्रसन्न तीर्थ, सांसद लल्लू सिंह, महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी, महंत रामकुमार दास, महंत विवेक आचारी, महंत शशिकांत दास, महंत जयरामदास, पुजारी रमेश दास, दिनेंद्र दास, डॉ़ अनिल मिश्र, कोटेश्वर राय, सोहन सोलंकी, गजेंद्र सिंह, मनोज, शरद शर्मा समेत करीब 200 लोग मौजूद रहे।
मंदिरों में मनाए उत्सव, चौक-चौराहे बाधित न हों
चंपत राय ने सभी रामभक्तों से अपील की कि 22 जनवरी को जब रामलला अपने घर में विराजेंगे, उस दिन पांच करोड़ परिवारों में दिवाली मनाई जानी चाहिए। 11 बजे के पहले गांव के मंदिर में एकत्रित होंगे। अयोध्या से दूरदर्शन सुबह से ही लाइव प्रसारण करेगा। कार्यक्रम मंदिर केंद्रित होना चाहिए। चौक-चौराहों को बाधित नहीं करना है। प्राण प्रतिष्ठा पूरी होने के बाद आरती करें। शंख बजाएं। 22 जनवरी को भारत के पांच लाख मंदिरों के चारों ओर आनंदोत्सव होना चाहिए। शाम 6:15 बजे जब अंधेरा हो जाए तो सभी अपने घरों में दीप जलाएं।
127 संप्रदायों के संत आएंगे, 23 से मिलेंगे आम श्रद्धालुओं को दर्शन
प्राण प्रतिष्ठा समारोह में 127 संप्रदायों के संत, सभी 13 अखाड़ों के प्रतिनिधि, अलग-अलग क्षेत्रों में देश का मान बढ़ाने वाले गृहस्थ जन उपस्थित रहेंगे। इसमें कलाकार, साहित्यकार, फिल्मकार, उद्योगपति, चिकित्सक, अधिवक्ता शामिल होंगे। राममंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव ने बताया कि 22 जनवरी को केवल मंदिर परिसर में मौजूद अतिथियों व संतों को दर्शन प्राप्त होंगे। आम श्रद्धालुओं को 23 जनवरी की सुबह 07 बजे से दर्शन मिलेंगे। विहिप सभी 45 प्रांतों के कार्यकर्ताओं को प्रांतवार दर्शन कराएगी। 26 जनवरी से लेकर 20 फरवरी तक हर रोज पांच हजार कार्यकर्ताओं को बुलाया जाएगा।
जम्मू में घर-घर गूंजेगा रामनाम
जम्मू कश्मीर के प्रांत कार्यकारी अध्यक्ष राजेश गुप्ता का कहना है कि हम मंदिर आंदोलन से लेकर मंदिर निर्माण तक के साक्षी हैं। अयोध्या से पूजित अक्षत को जम्मू कश्मीर के घर-घर बांटा जाएगा। प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दिन कश्मीर व लद्दाख के घर-घर में रामनाम गूजेंगा।