समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा की नीति और नीयत किसान विरोधी है। किसान को दोगुनी आमदनी का सपना दिखाया गया, लेकिन उनकी सुनवाई तक नहीं हो रही है। भाजपा उसको बहुत कुछ देने का दावा करती है, जबकि हकीकत में किसान की झोली खाली है।
उन्होंने एक बयान जारी कर कहा कि खेती की लागत दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। डीजल महंगा है। बिजली का बिल बढ़ा आ रहा है। खाद व बीज के दाम बढ़ गए हैं। किसानों को कर्ज मिलने में दिक्कतें आ रही हैं। प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक किसानों से गेहूं, धान और गन्ने की खरीद एमएसपी पर करने का दावा कर रहे हैं। मगर इसका लाभ किसान को नहीं, बल्कि बिचौलियों को मिल रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की नीतियां बड़े घरानों की पोषक हैं। इसलिए प्रदेश में चीनी मिलों को तो राहत दी गई हैं, लेकिन किसान के लिए गन्ना की एमएसपी बढ़ने की कोई उम्मीद नहीं है। सपा सरकार में गन्ना किसान को 40 रुपये की एकमुश्त बढ़ी रकम दी गई थी।
अखिलेश ने कहा कि किसानों पर ऐसे कानून लाद दिए गए हैं, जिनके लागू होने पर किसान अपने खेत का मालिक नहीं रह पाएंगे। किसान इन कानूनों का लगातार विरोध कर रहे हैं। भाजपा सरकारें उन्हें पीट रही हैं। सैकड़ों किसान धरना-प्रदर्शन में जान गवां चुके हैं। इसके बावजूद भाजपा सरकार संवेदन शून्य बनी हुई है।