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सपने दिखाने व जुमलों से भटकाने की कला कोई भाजपा से सीखे : अखिलेश यादव

Sun, 09 Feb 2020 12:39 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव। - फोटो : amar ujala
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समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि सपने दिखाने और जुमलों में भटकाने की कला कोई भाजपा नेतृत्व से सीखे। किसानों की आय दोगुनी करने व फसलों की लागत से डेढ़ गुना मूल्य दिलाने के वादे तो रोज-रोज दोहराए जाते हैं, लेकिन हकीकत में अभी तक भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री का कोई वादा पूरा नहीं हुआ है।

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अभी केंद्र सरकार का जो बजट पेश हुआ है उसमें भी किसानों के लिए कोई ठोस योजना सामने नहीं आई। कोई नहीं बताता कि 2022 तक किसान की आय कैसे दोगुनी होगी?

अखिलेश यादव ने जारी किए गए बयान में कहा कि अर्थव्यवस्था का जिक्र खेती-किसानी और गांव-गरीब के बिना अधूरा रहता है। संसद में पेश बजट में कृषि उड़ान का सपना दिखाया है। नीली क्रांति और श्वेत क्रांति का नारा भी दिया है। अब भाजपा राज में कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग का राग छेड़ा है, लेकिन पानी के संकट से जूझ रहे बुंदेलखंड का कोई जिक्र नहीं है कि वहां किसान कैसे अपना खेत सींचेंगे?

कथनी-करनी में अंतर, 76 हजार घटाया एफसीआई का फंड

अखिलेश ने कहा कि वास्तव में भाजपा की नीति और नीयत दोनों में खोट है। उसकी कथनी-करनी में भारी अंतर है। किसानों के लिए बड़ी-बड़ी बातें करने वाली सरकार ने भारतीय खाद्य निगम के फंड में 76 हजार करोड़ की कटौती कर दी।

इस कटौती का सीधा असर सरकारी खरीद पर पड़ेगा। किसान आज भी बिचौलियों की दया पर आश्रित है और कल भी उसकी वही हालत रहेगी।
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'भाजपा राज में किसान हितों को कॉरपोरेट घरानों के लिए बलि दी जा रही है'

सपा अध्यक्ष ने कहा कि चौधरी चरण सिंह की नीतियों का अनुसरण करते हुए सपा सरकार के समय गांव व किसान की उन्नति के लिए बजट में वृद्धि कर 75 प्रतिशत कर दिया गया था। भाजपा राज में किसान हितों को कॉरपोरेट घरानों के लिए बलि दिया जा रहा है।

सीमा व खेत के संतुलन के लिए जरूरी सरकारों को किसान व जवान के सरोकारों को अपना एजेंडा बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि फौजी के परिवार की सुरक्षा सरकार का कर्तव्य है। अच्छा होता सरकार केंद्रीय बजट में दो शब्द सेना के जवानों और किसानों के अटूट रिश्तों पर भी उल्लेख कर देती।
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