सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि वस्तुत: भाजपा को काम करने का अभ्यास ही नहीं है। उन्हें तो विघटन और नफरत फैलाना ही सुहाता है। भाजपा का एजेंडा है कि जब बिना काम किए ही काम बन जाता है और वोट हासिल किया जा सकता है तो विकास कार्यों में समय और श्रम खपाने की क्या जरूरत है ? भाजपा को हवा महल में रहना ही अच्छा लगता है।
अखिलेश ने शुक्रवार को वीडियो कॉलिंग के जरिए पार्टी के प्रमुख नेताओं-कार्यकर्ताओं से संगठन की गतिविधियों पर चर्चा करते हुए ये बातें कहीं। उन्होंने पार्टी नेताओं से क्षेत्रीय राजनीति के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने कानपुर के आर्यनगर विधानसभा क्षेत्र से सपा विधायक अमिताभ बाजपेयी से संपर्क किया।
बाजपेयी पेयजल की समस्या को लेकर पांच दिनों से धरना दे रहे हैं। उनके साथ कई पार्षद भी हैं जो संघर्ष में साथ दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में लोग पानी को तरस रहे है। इसके लिए विधायक को धरना देने के लिए विवश होना पड़ा। बाराबंकी के दरियाबाद क्षेत्र के मेडिकल स्टूडेंट अगस्त्य पटेल से सपा अध्यक्ष ने स्वास्थ्य सेवाओं की दुर्दशा पर चर्चा की। अगस्त्य पटेल बांदा के मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस तृतीय वर्ष के छात्र हैं।
उन्होंने चिकित्सा क्षेत्र में नौजवानों के सामने आ रही कठिनाइयों के बारे में बताया। अखिलेश ने पार्टी संगठन को मजबूत बनाने और 2022 में जीत के लिए अभी से बूथस्तर तक तैयारियां करने पर जोर दिया। सभी ने विश्वास दिलाया कि वे 2022 में सपा सरकार बनाने में कुछ उठा नही रखेंगे।