सपा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है। जनता भय और दहशत में जीने को मजबूर है। कारोबारी डरे हुए हैं। महिलाओं के साथ बलात्कार और उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ रही हैं। भाजपा सरकार ने प्रदेश को पूरी तरह अराजकता की आग में झोंक दिया है।
उन्होंने सोमवार को जारी बयान में कहा कि अयोध्या में पंजाब नेशनल बैंक की महिला अधिकारी की आत्महत्या मामले में मिले सुसाइड नोट में जिस प्रकार पुलिस के लोगों पर सीधा आरोप है वह प्रदेश में बदहाल कानून व्यवस्था की हकीकत बयां कर रहा है। इसमें सीधे एक उच्च पुलिस अधिकारी का नाम आना बेहद गंभीर है। ऐसी घटनाओं की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच होनी चाहिए। अमरोहा में दुष्कर्म की शिकार नाबालिग पीड़िता की हत्या का मामला गंभीर व दु:खद है। यही हाल अन्य जिलों में है।
पुनरीक्षण अभियान में लगें कार्यकर्ता
अखिलेश यादव ने सभी कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों से एक नवंबर से 30 नवंबर तक मतदाता सूची के संक्षिप्त विशेष पुनरीक्षण अभियान में जुटने की अपील की। इसी तरह सात से 13 और 21 से 27 नवंबर के विशेष अभियान में भी शामिल हों। सभी जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा विधान सभा क्षेत्रवार, प्रत्येक बूथ की नई मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया गया है।
कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी हर जिले की सूची व बूथ सत्यापन करें। कार्यकर्ता अपने- अपने बूथ की मतदाता सूची में जोड़े व काटे गए नाम का घर-घर जाकर सत्यापन करें। बूथों का भ्रमण कर छूटे नामों को सूची में शामिल कराने के लिए फर्म नंबर छह भरकर जमा करेंगे तथा फर्जी नाम काटने के लिए फार्म नंबर सात भरें। इसी तरह नाम संशोधन के लिए फर्म नंबर आठ भरें। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद पांच जनवरी 2022 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होगा।