ढाबा मालिक के साथ अखिलेश यादव
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पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपनी कार्यशैली से हमेशा चर्चा में रहे हैं। मृतक किसानों के परिवारों से मिलकर लौटने के दौरान मटेरा के निकट हाईवे पर एक ढाबे पर उनका काफिला रुक गया। यहां वह करीब 20 मिनट तक रुके। चाय की चुस्की लेते हुए ढाबा मालिक से बात कर उसकी तारीफ भी की।
वापस लौटते समय नानपारा-बहराइच राजमार्ग पर मटेरा के अमरइया स्थित ढाबे पर अचानक उनका काफिला रुक गया। ढाबा मालिक से उन्होंने एक कप चाय मंगाई। चाय पीते हुए राजनीतिक चर्चाएं भी कीं। चाय की चुस्कियां लेते हुए ढाबा मालिक से चाय की तारीफ भी की। पूर्व सीएम की इस कार्यशैली से ढाबा मालिक काफी खुश दिखा। कहा कि अखिलेश जमीनी नेता हैं। वह मिलनसार होने के साथ ही शालीन भी हैं। मौके पर उपस्थित लोगों ने भी पूर्व सीएम की जमकर तारीफ की। वह करीब 20 मिनट तक ढाबे पर रुककर लखनऊ रवाना हो गए।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव 10 अक्टूबर को सहारनपुर जाएंगे। वह वहां की मशहूर राजनीतिक शख्सियत रहे स्व. चौधरी यशपाल सिंह की 100 वीं जयंती के कार्यक्रम में भाग लेंगे। सपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहे चौधरी यशपाल का वर्ष 2015 में निधन हो गया था। उनके गांव तीतरो में उनकी जयंती पर दस अक्टूबर को कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है जिसमें अखिलेश यादव भाग लेंगे। चौ. यशपाल सिंह गुर्जर नेता के रूप में सहारनपुर की सियासत में चार दशक तक छाए रहे थे। वह पांच बार विधायक, एक बार एमएलसी और एक बार सांसद रहे थे। प्रदेश के कृषि मंत्री के पद पर भी रहे। वर्ष 2012 में सपा में शामिल हुए थे और मुलायम सिंह यादव ने उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया था। अब विधानसभा चुनाव सिर पर है। ऐसे में अखिलेश यादव एक बार फिर से वहां गुर्जर राजनीति की नब्ज पर हाथ धरने की कवायद में हैं।