एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा यूपी विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ेंगे। इसके लिए जनभागीदारी मोर्चा बनाया गया है। ओवैसी ने कहा कि सत्ता की भागीदारी का फार्मूला भी तैयार हो गया है। 95 फीसदी सीटों पर टिकट भी तय हो चुके हैं।
ओवैसी ने शनिवार को लखनऊ में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बाबू सिंह कुशवाहा और राष्ट्रीय परिवर्तन मोर्चा के अध्यक्ष वामन मेश्राम के साथ मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ा जाएगा। अगर बहुमत मिला तो बारी-बारी से सत्ता संभालेंगे। 5 साल के कार्यकाल में दो सीएम होंगे-एक ओबीसी और दूसरा दलित समाज से। इसके अलावा तीन डिप्टी सीएम भी होंगे, जिसमें मुस्लिम समुदाय का एक नेता भी होगा। ओवैसी ने कहा कि हमने 95 फीसदी सीटों पर उम्मीद्वार तय कर दिए हैं। मोर्चा सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ेगा।
इस अवसर पर बाबू सिंह कुशवाहा ने कहा कि कानून-व्यवस्था को मुद्दा बनाते हुए हम चुनाव लड़ेंगे। सत्ता मिलने पर किसानों के लिए उपज की न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी के लिए कानून बनाया जाएगा। पुरानी पेंशन व्यवस्था सिर्फ बंगाल में लागू है, जिसे यूपी में तत्कालीन सपा सरकार ने खत्म किया था। हम वादा करते हैं कि सत्ता मिली तो पुरानी पेंशन स्कीम लागू करेंगे। जातिगत जनगणना कराएंगे। हमारे मोर्चे में शनिवार को कई दल शामिल हुए हैं। वामन मेश्राम ने कहा कि अब भाजपा से जन भागीदारी मोर्चा की सीधा मुकाबला होगा। समाजवादी गठबंधन मोर्चा तीसरे स्थान पर चला जाएगा।