तकनीकी संस्थानों के अलावा अब विश्वविद्यालयों और कालेजों में भी अलग-अलग क्षेत्र के विशेषज्ञ शिक्षक बन सकेंगे। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने ‘ऐडजंक्ट फैकेल्टी’ योजना शुरू की है।
इसके तहत एडवोकेट, कलाकार, सिविल सर्वेंट्स आदि भी शिक्षक के पद पर नियुक्त किए जा सकते हैं। मंत्रालय ने इसके लिए गाइडलाइन भी जारी कर दी है।
आईआईटी में विषय से अलग इंडस्ट्री, कला आदि क्षेत्रों के विशेषज्ञों की फैकल्टी के रूप में भर्ती की छूट पहले से है। ट्रिपल आईटी ऐक्ट पास होने के बाद इन संस्थानों को भी यह अधिकार मिल गया है।
मंत्रालय शिक्षक भर्ती की इस नीति को विश्वविद्यालयों और कालेजों में भी लागू करने जा रहा है। मंत्रालय का मानना है कि भारत में अलग-अलग क्षेत्रों में अनेकों विद्वान तथा विशेषज्ञ हैं, जिनका उच्च शिक्षा से सीधा कोई जुड़ाव नहीं है।
स्थायी नियुक्ति मिलेगी इन सभी को
जबकि, इनकी मदद को लेकर उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के साथ इसे बहुआयामी भी बनाया जा सकता है। मंत्रालय का मानना है कि इसे पढ़ाई, प्रशिक्षण तथा शोध तीनों की गुणवत्ता में सुधार होगा। इसी के तहत ‘एडजंक्ट फैकेल्टी’ योजना शुरू की गई है।
इसके तहत विश्वविद्यालयों और कालेजों में वैज्ञानिक, इंजीनियर्स, एडवोकेट, कलाकार, सिविल सर्वेंट्स के अलावा अलग-अलग क्षेत्र के स्किल्ड प्रोफेशनल्स की नियुक्ति की जा सकती है।
नियुक्ति भी स्थायी होगी। इस बाबत गठित कमेटी के सुझाव पर नियुक्ति की गाइडलाइन भी तैयार हो चुकी है, जिसे यूजीसी की वेबसाइट पर जारी कर दिया गया है। यूजीसी के सचिव प्रोफेसर जसपाल एस. संधू की ओर से विश्वविद्यालय के कुलपतियों को इस बाबत पत्र भी लिखा गया है।