लखनऊ। राजधानी की 86 ग्राम पंचायतों को मॉडल पंचायत बनाया जाएगा। यहां मुख्य रूप से सफाई पर जोर होगा। कूड़ा प्रबंधन के लिए यहां विशेष इंतजाम किए जाएंगे। प्रशासन ने इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा था, जिस पर शासन ने अपनी सहमति दे दी है। जल्द ही इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
जिला प्रशासन ने सभी आठ विकासखंडों से मॉडल बनाने के लिए पंचायतों का चयन किया है। योजना के तहत मुख्य रूप से स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज -2 के तहत काम कराए जाएंगे। इन पंचायतों को पूर्व में ओडीएफ यानी खुले में शौच मुक्त किया जा चुका है। उसी कड़ी में अब इन्हें कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था दुरुस्त कर साफ-सफाई में मॉडल बनाया जाएगा। इसके लिए करीब 128.43 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने इस संबंध में अधिकारियों को समय से कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार चयनित गांवों में कूड़ा प्रबंधन व साफ-सफाई होने से वहां के लोगों का स्वास्थ्य भी दुरुस्त रहेगा।
ये होंगे काम
- सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए सामुदायिक कंपोस्ट पिट का निर्माण होगा और गांव से निकलने वाले ठोस कूड़े, कचरे का उसमें निस्तारण किया जाएगा।
- लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए सामुदायिक सोख्ता, गड्ढों का निर्माण किया जाएगा। इसमें नाले, नालियों व शौच आदि की गंदगी यानी तरल अपशिष्ट का निस्तारण हो सकेगा।
- प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट की व्यवस्था अलग से होगी।
- गोबरधन परियोजना के तहत मवेशियों से उत्पन्न कचरे का प्रबंधन किया जाएगा।
- पंचायत में साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी।
व्लॉकवार चयनित पंचायतें
बीकेटी-17, चिनहट-3, गोसाईगंज-13, काकोरी-9, माल-12, मलिहाबाद-9, मोहनलालगंज-13, सरोजनीनगर-10