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राजधानी को रफ्तार देने के लिए बनेगा सिटी मोबिलिटी प्लान, शहर से बाहर होंगे बस अड्डे

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लखनऊ। राजधानी को रफ्तार देने के लिए सिटी मोबिलिटी प्लान तैयार हो रहा है। सिटी डवलपमेंट प्लान (सीडीपी) में तैयार सिटी मोबिलिटी की ड्राफ्ट रिपोर्ट में शहर से बस अड्डों को हटाकर आउटर रिंगरोड पर एक से अधिक टर्मिनल बनाए जाने और इससे सिटी ट्रांसपोर्ट को जोड़ने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा शहर के प्रमुख चौराहों और राष्ट्रीय राजमार्ग व शहीद पथ के जंक्शन ठीक करने पर काम करने को प्राथमिकता देनी होगी। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव अशोक मार्ग व विधानसभा मार्ग पर ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए वैकल्पिक रोड नेटवर्क तैयार करने के रूप में करना होगा।
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बृहस्पतिवार को सिटी मोबिलिटी प्लान की ड्राफ्ट रिपोर्ट का प्रजेंटेशन एलडीए में मंडलायुक्त रंजन कुमार, एलडीए वीसी अक्षय त्रिपाठी, सचिव पवन गंगवार के अलावा एयरपोर्ट, रेलवे, यूपीडा, यूपीएसआरटीसी आदि के अधिकारियों के सामने हुआ। इसमें प्रस्ताव रखा गया है कि पूरे सिटी ट्रांसपोर्ट को शहर के लोकल ट्रैफिक और बाहरी वाहनों के आवागमन को ध्यान में रखते हुए तैयार होना चाहिए। ऐसे में आउटर रिंगरोड के बनने के बाद बाहरी वाहनों को वहीं टर्मिनल बनाकर रोकने की जरूरत होगी। ऐसा तभी संभव होगा जब आउटर रिंगरोड से शहर के अंदर आने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट की कनेक्टिविटी हो। ऐसे में मौजूदा मेट्रो कॉरिडोर के अलावा चारबाग से बसंतकुंज के बीच ब्लूलाइन पर काम शुरू कराने और नए रूट चिंहित कर कार्ययोजना पर आगे बढ़ने पर सहमति बनी। वहीं जरूरत होने पर मोनो रेल और सिटी बस भी शहर और आउटर रिंगरोड के बीच कनेक्ट की जाएगी। शहर के बस अड्डों जैसे आलमबाग और चारबाग को बाहर करने पर सिटी मोबिलिटी प्लान में विचार करने का प्रस्ताव रखा गया है। यह दोनों ही बस अड्डे शहर के अंदर जाम का कारण अब बन रहे हैं।
चौराहों पर काम करने की जरूरत
आर्किटेक्ट सलाहकार अनुपम मित्तल ने बताया कि अवध चौराहा जैसे शहर के बड़े चौराहे बुरी तरह ट्रैफिक जाम से जूझ रहे हैं। इसके अलावा शहीद पर पर राष्ट्रीय राजमार्ग के जंक्शन भी सुधारने होंगे। यहां भी ट्रैफिक लगातार बढ़ रहा है। मौजूदा चौराहे और जंक्शन अपनी क्षमता से अधिक ट्रैफिक रहने की वजह से जाम के हालात से जूझने लगे हैं। अशोक मार्ग और विधानसभा मार्ग जैसे पुराने सड़क से ट्रैफिक अब वैकल्पिक रूट पर शिफ्ट करने की जरूरत है। ऐसे में गोमती नदी पर ग्रीन कॉरिडोर, हैदर कैनाल नाला पर एलीवेटेड सेक्शन का प्रस्ताव रखा गया है।
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30 साल की जरूरत करनी होगी पूरी
वीसी अक्षय त्रिपाठी का कहना है कि सीडीपी को अगले 30 साल की जरूरत के मुताबिक बनाना है। ऐसे में शहर में मोबिलिटी बेहतर रहे। उस जरूरत के मुताबिक मोबिलिटी प्लान में प्रोजेक्ट शामिल किए जाएंगे। सभी विभागों के सुझाव ले लिए गए हैं। अब पांच जनवरी तक सलाहकार अपना सिटी मोबिलिटी प्लान तैयार कर देगा। इसके बाद दूसरे भाग जैसे सिविक एमेनटीज पर आगे बढ़ा जाएगा। वहीं मंडलायुक्त ने कहा है कि मोबिलिटी प्लान तैयार करने के समय दुनिया के प्रमुख शहरों की ट्रैफिक व्यवस्था का अध्ययन भी कर लिया जाए। इससे शहर के लिए एक इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट सिस्टम तैयार हो सकेगा।
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