आखिरकार एडीजी ट्रैफिक एमके बशाल को हटाने के आदेश जारी हो गए। इस मामले में मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश के बावजूद हैरत इस बात की है कि आला अफसरों ने आदेश के अनुपालन में पांच दिन लगा दिया। एडीजी के तबादले के क्रम में शासन ने कुल तीन आईपीएस अफसरों की तैनाती में फेरबदल किया है।
हटाए गए एडीजी ट्रैफिक एमके बशाल को एडीजी मानवाधिकार के पद पर भेजा गया है। डीजीपी के सहायक आईजी दीपक रतन को यातायात निदेशालय में इसी पद पर भेजा गया है।
आईजी मानवाधिकार के पद पर तैनात रहे डॉ. संजीव गुप्ता को डीजीपी के सहायक आईजी के पद पर तैनाती दी गई है। गौरतलब है कि सीएम ने पांच दिन पूर्व वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान बशाल को हटाने के निर्देश दिए थे।
भ्रष्टाचार कि शिकायत से नाराज सीएम ने उसी समय गोरखपुर के सीओ ट्रैफिक को भी निलंबित करने के भी निर्देश दिए थे। सीएम की दो टूक पर भी आला अफसर सीओ के निलंबन आदेश एक दिन बाद जारी कर सके थे।
ऐसा ही एडीजी को हटाने के मामले में हुआ। जानकार बताते हैं कि इस प्रकरण में दो उच्च अधिकारियों की आपसी खींचतान सीएम के आदेश पर भारी पड़ गई। एक अधिकारी बशाल को हटा कर और कड़ी सजा दिलाने की कोशिश में थे तो दूसरे अधिकारी उनके पक्ष में खड़े थे।