अपराधी एलडीए के अपार्टमेंट्स को शरणस्थली बना रहे हैं। इसकी वजह यह है कि लोग मोटे मुनाफे के लिए फ्लैट ले तो लेते हैं लेकिन बिना जांच के अपराधियों को किराए पर दे देते हैं।
सबसे बुरा हाल प्राधिकरण की सबसे बड़ी ग्रुप हाउसिंग कॉलोनी रिवर व्यू एन्क्लेव का है। यहां दो फेज में बनाए गए करीब 1700 फ्लैटों में से कम से कम 35 फीसदी केवल निवेश के लिए खरीदे गए हैं।
जिनमें कोई रहता नहीं है। करीब 300 फ्लैट आवंटी डिफाल्टर घोषित किये जा चुके हैं, उनको निरस्तीकरण का नोटिस भी दिया जा चुका है। इसके अलावा रजिस्ट्री होने के बावजूद सैकड़ों की संख्या में आवंटी फ्लैट में रह नहीं रहे हैं।
इस वजह से ये अपराधियों के मुफीद ठिकाने बन गए हैं। अधिकांश खाली फ्लैटों की किस्तें भी पूरी नहीं हैं। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ने अब नये सिरे से डिफाल्टर और रजिस्ट्री के बावजूद कब्जा न लेने वाले आवंटियों को नोटिस जारी करने के लिए आदेश दिए हैं।
साथ ही सभी अपार्टमेंट्स में सुरक्षा रिव्यू करने का भी फैसला किया है। सभी जगह क्लोज सर्किट कैमरे नये सिर से जांचे जाएंगे और सिक्योरिटी सिस्टम को मजबूत किया जाएगा।