पहले चरण के चुनाव में 47 ग्राम पंचायतें ऐसी हैं जहां ग्राम प्रधान निर्विरोध चुन लिए गए हैं। वहीं, 13 ग्राम पंचायतें ऐसी हैं जो खाली रह गई हैं।
इनमें एक भी नामांकन नहीं हुआ है। इन खाली ग्राम पंचायतों में छह माह में दोबारा चुनाव कराए जाएंगे।
इनमें कुशीनगर में आठ, झांसी व सिद्धार्थनगर में दो-दो व महाराजगंज की एक ग्राम पंचायत शामिल है। कई बार ग्राम पंचायतें आरक्षित कर दी जाती हैं लेकिन गांव में उस रिजर्व सीट पर कोई लड़ना ही नहीं चाहता है
यहां हुए निर्विरोध प्रधान
- कानपुर नगर, बस्ती व मेरठ में तीन-तीन
- गाजीपुर, इटावा, अमेठी, बुलंदशहर, सीतापुर, उन्नाव व एटा में दो-दो।
- हापुड़, हाथरस, बाराबंकी, संतकबीरनगर, शाहजहांपुर, ललितपुर, सहारनपुर, बागपत, हमीरपुर, कुशीनगर, कासगंज, आगरा, इलाहाबाद, बरेली, गोंडा, गोरखपुर, चंदौली, जालौन, जौनपुर, झांसी, प्रतापगढ़, फर्रुखाबाद व गाजियाबाद में एक-एक।