मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मार्च 2020 में जब प्रदेश में पहला कोविड केस आया था तब हमारे पास न टेस्टिंग फैसिलिटी थी न ही उपचार की। आज हर जिले में आरटीपीसीर टेस्ट लैबोरेटरी एक्टिव हैं। हर जिले में ऑक्सीजन प्लांट हैं और आइसोलेशन, आईसीयू बेड्स भी पर्याप्त संख्या में हैं। कोरोना के खिलाफ अब तक की लड़ाई में उत्तर प्रदेश के प्रयास को वैश्विक सराहना मिली है, आगे भी हम सभी के सहयोग से जीत हासिल करेंगे।
कोविड के खिलाफ वैक्सीन सुरक्षा कवच है। जिन लोगों ने अभी तक वैक्सीन नहीं लगवाया है, उन्हें जल्द से जल्द टीका लगवाने के लिए प्रेरित किया जाए। साथ ही, जिन लोगों को टीके की दूसरी डोज दी जानी है, उन्हें शीघ्र ही यह डोज लगायी जाए। टीका लगाने के लिए सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से भी आमजन से संपर्क किया जाए।
3 जनवरी से 15 से 18 वर्ष के किशोर बच्चों को कोविड टीकाकरण का सुरक्षा कवर प्रदान करने का महत्वपूर्ण कार्यक्रम प्रारंभ हो रहा है। इसी प्रकार, 10 जनवरी से सभी कोरोना वॉरियर्स, हेल्थकेयर व फ्रंटलाइन वर्कर्स तथा 60 वर्ष से ऊपर की आयु के को-मॉर्बीडिटी वाले नागरिकों को प्री-कॉशन डोज दी जाएगी। इसके दृष्टिगत वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। भारत सरकार से सतत संपर्क में रहें। कोविड टीकाकरण में उत्तर प्रदेश ने अब तक शानदार कार्य किया है। यह क्रम आगे भी जारी रहे, इसके लिए सभी जरूरी प्रबंध किए जाएं। किशोरों के टीकाकरण के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए।