प्रदेश में इस बार बीएड में 26 हजार सीटें कम हो जाएंगी। इसमें शासकीय और अनुदानित कॉलेजों की सीटें भी शामिल हैं। जबकि पिछले साल की तुलना में करीब एक लाख से अधिक अभ्यर्थी काउंसलिंग में शामिल सकते हैं। बता दें, बीएड की काउंसलिंग छह जून से प्रस्तावित है।
बता दें, नेशनल काउंसिल फॉर टीचर्स एजुकेशन (एनसीटीई) के नए मानकों को पूरा कराने के लिए प्रदेश के कई कॉलेजों में बीएड की सीटें घटाकर इस साल 50 का एक ही सेक्शन स्वीकृत किया गया है। इसके चलते बीएड की सीटों में कमी हो रही है।
गत वर्ष की काउंसलिंग में बीएड की लगभग 1,84,000 सीटें शामिल की गई थीं, जबकि इस साल अभी तक बीएड के आयोजक लखनऊ विश्वविद्यालय के पास विभिन्न विवि से जो आंकड़ा मिला है, उसके अनुसार बीएड की 1,51,975 के करीब सीटें निकल रही हैं।
25 कॉलेजों की सीटों का ब्यौरा आना बाकी
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बीएड के राज्य समन्वयक प्रो. वाईकेशर्मा ने बताया कि इनमें अभी पं. दीनदयाल उपाध्याय, गोरखपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों और फैजाबाद विवि के करीब 25 कॉलेजों की सीटों का ब्यौरा आना बाकी है।
बचे हुए कॉलेजों में लगभग छह हजार सीटें होने का अनुमान है। इस हिसाब से इस साल काउंसलिंग में बीएड की लगभग 1,58,000 सीटें ही होंगी।
मुश्किल होगी बीएड में प्रवेश की राह
काउंसलिंग में अभ्यर्थियों की संख्या बढ़ने और कॉलेज में सीटें घटने से बीएड में प्रवेश की राह कठिन होना तय है। इस बार बीएड की काउंसलिंग में लगभग 2,63,202 अभ्यर्थी शामिल हो सकते हैं।
गत वर्ष काउंसलिंग में लगभग 1,62,000 के अभ्यर्थियों को आना था, जिनमें से 75 हजार ने ही प्रवेश लिया था। इस साल अगर प्रवेश लेते समय अभ्यर्थियों की संख्या कम भी हो जाती है, तब भी सीटों से अधिक ही रहेंगे। इसका बड़ा कारण बीएड की तरफ अचानक बढ़ा रुझान बताया जा रहा है।
निजी कॉलेजों को मिलेगी राहत
गत वर्ष निजी कॉलेज सीटें भरने के लिए परेशान हो गए थे। विभिन्न कॉलेजों की 1,84,000 सीटों के लिए केवल 75 हजार ने ही काउंसलिंग में प्रवेश लिया था।
बाद में निजी कॉलेजों ने कुछ सीटें सीधे प्रवेश से भरीं। जबकि इस बार अभ्यर्थियों और उपलब्ध सीटों की संख्या को देखें तो कॉलेजों की अधिकतर सीटें भर जाएंगी।
गोरखपुर विवि के मामले में मुख्य सचिव को पत्र
लखनऊ विश्वविद्यालय ने शुक्रवार तक पं. दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से बीएड के कॉलेजों की कोई सूचना नहीं मिलने पर मुख्य सचिव को पत्र लिखा है।
प्रवेश समन्वयक प्रो. वाईके शर्मा ने बताया कि कई बार कहने के बावजूद सिर्फ इसी विवि से सीटों की जानकारी नहीं मिल रही है। जबकि बीएड की काउंसलिंग छह जून से प्रस्तावित है। ऐसे में सीटों का ब्यौरा समय से न मिलने पर समस्या खड़ी हो जाएगी।
इन कॉलेजों में हैं इतनी सीटें
विश्वविद्यालय--संबद्ध कॉलेज--सीटें
लखनऊ विश्वविद्यालय--61--5,000
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, सिद्धार्थनगर--69--4,325
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी--09--600
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी--116--10,800
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर--254--20,000
महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखंड विश्वविद्यालय, बरेली--139--12,000
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर--137--8,150
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ--394--43,000
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी--93--8,900
डॉ. बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा--457--24,150
डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, फैजाबाद--206--15,000
ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती उर्दू अरबी-फारसी विवि, लखनऊ-----50