प्रदेश में कांग्रेस के मौजूदा 14 सांसद लोक सभा चुनाव में अपनी जमानत तक नहीं बचा पाए। इसमें कई बड़े नाम शामिल हैं।
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इनमें केंद्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा, सलमान खुर्शीद व जितिन प्रसाद के साथ ही प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री भी शामिल हैं। इनमें ज्यादातर मंत्री व सांसद तो चौथे व पांचवें स्थान पर रहे हैं।
केवल चार सांसद कानपुर से श्रीप्रकाश जायसवाल, खीरी से जफर अली नकवी, बाराबंकी से पीएल पुनिया व कुशीनगर से कुंवर आरपीएन सिंह ही मोदी लहर की इस सुनामी में अपनी जमानत बचाने में सफल रहे।
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जगदंबिका पाल कांग्रेस छोड़ आए भाजपा में
वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में यूपी से कांग्रेस के पास 21 सीटें थीं।
बाद में फीरोजाबाद उपचुनाव में राज बब्बर की जीत के बाद एक सीट और बढ़ गई थी।
इस तरह कांग्रेस के 22 सांसद थे। इनमें डुमरियागंज से सांसद जगदंबिका पाल चुनाव से ऐन पहले कांग्रेस का दामन छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे।
कांग्रेस ने दिया था 20 सांसदों को टिकट
वहीं, अजहरूद्दीन ने उत्तर प्रदेश से इस बार चुनाव ही नहीं लड़ा। ऐसे में कांग्रेस ने इस बार मौजूदा 20 सांसदों को टिकट दिया था।
इनमें अमेठी व रायबरेली सीट ही कांग्रेस जीत पाई। पार्टी के अन्य जो 18 सांसद लोकसभा चुनाव मैदान में थे, उनमें से 14 की जमानत जब्त हो गई।
इनमें गाजियाबाद से राज बब्बर, श्रावस्ती से विनय पांडेय, उन्नाव से अन्नू टंडन, महराजगंज से हर्षवर्द्धन, झांसी से प्रदीप जैन आदित्य, अकबरपुर से राजाराम पाल, बरेली से प्रवीण सिंह ऐरन, प्रतापगढ़ से राजकुमारी रत्ना सिंह, बहराइच से कमल किशोर कमांडो शामिल हैं।